चमोली में आपदा
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सात फरवरी को ऋषि गंगा से आया सैलाब लोगों को तिनके की तरह बहाकर ले गया। नदी के दोनों तटबंध से कई मीटर ऊपर मलबा और पानी गया। रैणी से तपोवन तक नदी एक संकरी घाटी में बहती है, जिससे यहां पानी की रफ्तार अधिक रही, लेकिन तपोवन गरम पानी के पास सैलाब कुछ देर के लिए सामान्य हो गया था। यहां पर करछों गांव की ओर से आने वाले गदेरे के कारण नदी फैल जाती है।