चमोली में तपोवन डैम
- फोटो : अमर उजाला
कई लोग बैराज साइड काम कर रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों में चले जाने के लिए आवाज लगा रहे थे, लेकिन नदी की तेज गर्जना से मजदूरों को कुछ सुनाई नहीं दे रहा था। देखते ही देखते परियोजना का बैराज और टनल मलबे में दफन हो गया।