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आंखों देखी: प्रत्यक्षदर्शी बोले, डरावनी आवाज के साथ रौद्र रुप में आई धौली गंगा, चंद मिनटों में सबकुछ हुआ तबाह

Mon, 08 Feb 2021 02:00 PM IST
अलका त्यागी प्रदीप भंडारी, अमर उजाला, जोशीमठ
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चमोली में आपदा के बाद आंखो देखा हाल - फोटो : अमर उजाला
अविश्वसनीय और अकल्पनीय। चटख धूप में अचानक धौली गंगा का ऐसा रौद्र रुप कि चंद मिनटों में सब तबाह हो गया। ये कहना है कि उत्तराखंड के चमोली में सैनी में आई आपदा से डरे सहमे लोगों का। तपोवन और रैणी क्षेत्र के ग्रामीण अचानक आई आपदा से भौंचक्के रह गए। 
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चमोली में आपदा - फोटो : अमर उजाला
प्रत्यक्षर्दियों का कहना है कि कलकल और शांत स्वभाव में बहने वाली ऋषि गंगा इतनी तबाही मचा देगी, कभी सोचा भी नहीं था। नदी में भयंकर बाढ़ आने से जहां देखो लोग भागो-भागो की आवाजें लगा रहे थे। ऐसा आज तक ऐसा कभी नहीं देखा। 
 
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चमोली में आपदा - फोटो : अमर उजाला
ऋषि गंगा शीर्ष भाग से ही ढलान पर बहती है। जिससे नदी का पानी तेज बहाव से निचले क्षेत्र में पहुंच गया और सबकुछ तबाह करके चला गया। रैणी गांव के शंकर राणा ने बताया कि सुबह साढ़े नौ बजे उच्च हिमालय क्षेत्र से सफेद धुएं के साथ नदी मलबे के साथ बहकर आ रही थी। नदी के तेज बहाव से डरावनी आवाजें निकल रही थीं। 

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चमोली में आपदा - फोटो : अमर उजाला
लोग नदी के पानी को देखकर अपने घरों से बाहर निकल गए। तपोवन निवासी संदीप नौटियाल ने बताया कि रोजमर्रा की तरह लोग मेहनत मजदूरी के लिए जा रहे थे। धौली गंगा पर निर्माणाधीन तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना के निर्माण में मजदूर काम कर रहे थे। लेकिन सुबह दस बजे जैसे ही धौली गांव का जल स्तर बढ़ने लगा लोगों में अफरा-तफरी मच गई। 
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चमोली में तपोवन डैम - फोटो : अमर उजाला
कई लोग बैराज साइड काम कर रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों में चले जाने के लिए आवाज लगा रहे थे, लेकिन नदी की तेज गर्जना से मजदूरों को कुछ सुनाई नहीं दे रहा था। देखते ही देखते परियोजना का बैराज और टनल मलबे में दफन हो गया। 
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चमोली में आपदा - फोटो : अमर उजाला
सैकड़ों मजदूरों के भी दबने की आशंका है। रैणी गांव के प्रेम बुटोला कहा कि नंदा देवी पर्वत की तलहटी से ग्लेशियर के टूटने से यह तबाही मची है। तपोवन के सुभाष थपलियाल का कहना है कि ऐसा भयंकर जल प्रलय कभी नहीं देखा था। 
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