पौड़ी के कांडा गांव से दुल्हन लेने गए लालढांग और आसपास के 16 बराती अब कभी वापस नहीं लौट पाएंगे। बराती दुल्हन तो नहीं ला सके, लेकिन सफेद कपड़ों में लिपटे उनके शव आज सुबह गांव पहुंचे। बस दुर्घटना के बाद गांव में कोहराम मचा है। हर तरफ चीख पुकार मची है।
पौड़ी में हुए बरात के बस हादसे के चार मृतकों के शव आज गुरुवार सुबह पहुंच चुके हैं। इनमें चारों रसूलपुर गांव के हैं। इनमें भी एक परिवार के तीन सदस्यों की जान गई है। शवों के अंतिम संस्कार करने के लिए हरिद्वार के चंडीघाट करने के लिए ग्रामीण निकल गए हैं। जबकि एक को भू समाधि दी गई।
अपनों की मौत की खबर से परिवार बेसुध हैं। दूल्हा संदीप बुधवार को शाम पांच बजे बिना दुल्हन के गांव पहुंचा। संदीप हादसे से टूट गया है, लेकिन उसकी खामोशी नहीं टूट रही है। शादी वाले गांव में विजयदशमी की खुशियों की जगह मातम छाया है। गांव में अधिकतर घरों में चूल्हे नहीं जले हैं। लालढांग मिश्रित आबादी का कस्बा है।