2011 से पहले की भर्तियों पर विधिक राय के बाद कार्रवाई
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि 2011 से पहले विधानसभा में जो नियुक्तियां हुई थीं, वह कर्मचारी नियमित हो चुके हैं। उनकी नियुक्ति कैसे हुई, नियमितिकरण कैसे किया गया, पदोन्नतियां कैसे हुईं, इस पर विधिक राय लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
2021 में निकली 32 पदों की भर्ती भी रद्द
विधानसभा में तत्कालीन विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के कार्यकाल में वर्ष 2021 में 32 पदों पर भर्तियां निकली थीं। 20 मार्च को इनकी परीक्षा हुई थी। विस अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने बताया कि यह भर्तियां यूकेएसएसएससी में पेपर लीक की आरोपी कंपनी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन ने कराई थी। इसका परिणाम अभी जारी नहीं हुआ था। बताया कि इनमें जांच समिति ने वित्तीय अनियमितता भी पकड़ी है। इसलिए यह भी रद्द कर दी गई हैं। इस मामले में बिल जमा करने के दो दिन के भीतर 59 लाख के भुगतान पर विस सचिव मुकेश सिंघल की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। वहीं उन्होंने बताया कि इस भर्ती के आवेदकों का शुल्क या तो लौटाया जाएगा, या फिर दोबारा परीक्षा होने की स्थिति में पुन: शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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उत्तराखंड विधानसभा भर्ती में कब क्या हुआ
- जुलाई 2022- यूकेएसएसएसी की भर्तियों के पेपर लीक की घटनाओं के साथ ही सोशल मीडिया में विधानसभा भर्तियों का मुद्दा उठना शुरू हुआ।
- अगस्त 2022- सोशल मीडिया में विधानसभा में हुई भर्तियों की सूची वायरल हुई, जिस पर पूर्व विस अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के बयान के बाद विवाद गहरा गया।
- 28 अगस्त- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा अध्यक्ष से भर्तियों की जांच का अनुरोध किया। यह भी कहा कि सरकार की जहां आवश्यकता हो, सहयोग दिया जाएगा।
- 29 अगस्त- पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा, हां मैने अपने बेटे और बहू को नौकरी पर लगाया।
- 03 सितंबर- विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने विधानसभा में हुई भर्तियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेषज्ञ जांच समिति का गठन किया। 22 सितंबर- जांच समिति की रिपोर्ट के - आधार पर विस अध्यक्ष ने 250 भर्तियां रद्द कर दी।