प्रदेश में एकल कर प्रणाली लागू करने के उद्देश्य से विधानसभा में पेश हुए उत्तराखंड माल एवं सेवा कर विधेयक-2017 (एसजीएसटी) मंगलवार को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। ऐसा करने वाला उत्तराखंड देश का छठवा राज्य है।
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अब तक तेलंगाना, बिहार, झारखंड, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की विधानसभाएं एसजीएसटी बिल पास कर चुकी हैं। इसके पास होने से प्रदेश में डेढ़ करोड़ रुपये के वार्षिक टर्नओवर वाले व्यापारियों से राज्य 90 प्रतिशत कर वसूल सकेगा।
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एसजीएसटी विधेयक के दायरे में किसान नहीं आएंगे।
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समाधान योजना की सीमा 50 लाख रुपये रखी गई है। जबकि 1.50 करोड़ से कम वार्षिक टर्नओवर वाले व्यापारियों से 90 प्रतिशत राज्य कर वसूलेगा।
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gst
1.50 करोड़ से अधिक वार्षिक टर्नओवर पर कर वसूली का अनुपात केंद्र व राज्य में 50-50 प्रतिशत होगा। जीएसटी लागू होने से जिन राज्यों को हानि होगी, उन्हें पांच वर्ष क्षतिपूर्ति मिलेगी।
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अंतर प्रांतीय आपूर्ति के लिए जीएसटीएन में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।
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टैक्स
- फोटो : Demo
वहीं पंजीकरण के साथ ही हर महीने रिटर्न दाखिल करनी होगी। इसके बाद ही आपको जीएसटी का फायदा मिलेगा।