मसूरी के 200 साल के गौरवमय इतिहास को संजोए दस्तावेज, फोटोग्राफ, लिथोग्राफ पेंटिंग ठीक से रखरखाव न होने की वजह से नष्ट होते जा रहे हैं। सालों से पर्यटन नगरी में म्यूजियम के निर्माण की मांग उठ रही है, जिस पर अब जाकर नगर पालिका परिषद ने संज्ञान लिया है। जल्द ही इन दुर्लभ दस्तावेजों को उनका घर मिल जाएगा।
दरअसल, मसूरी के इतिहास से जुड़े दस्तावेजों को टिन के छह बक्सों में रखा गया है। इन दस्तावेजों को सही तरीके से संरक्षित न कर पाने के कारण ये खराब होते जा रहे हैं। जिससे आने वाली पीढ़ी के लिए मसूरी के इतिहास को जानना मुश्किल हो जाएगा। इतिहासकार गोपाल भारद्वाज ने बताया कि देश की आजादी के समय के घटनाक्रम के साथ ही आजाद भारत के राजनैतिक घटनाक्रम के इतिहास को इन फोटोग्राफ, लिथोग्राफ पेंटिंग समेत अन्य दस्तावेजों ने संयोया हुआ है।
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इसके अलावा महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, सरदार पटेल और राजा-महाराजाओं के जीवन से जुड़े अहम तथ्यों समेत अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई की दास्तां भी इन दस्तावेजों में कैद हैं। ऐसे में इनके संरक्षण की बात और भी अहम हो जाती है। सालों से इन दस्तावेजों के संरक्षण के लिए मसूरी में म्यूजियम के निर्माण की मांग की जा रही है। अब जाकर इसे सुना गया है।