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UPSC Result 2018: इस परिवार में टॉपरों की भरमार, मां-पिता और बहन के बाद अब भाई ने किया टॉप

Mon, 08 Apr 2019 08:48 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal हिमांशु भट्ट, अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार में कनखल स्थित श्याम विहार कॉलोनी के उत्कर्ष तोमर ने यूपीएससी की परीक्षा में 306 रैंक हासिल करके देशभर में हरिद्वार का नाम रोशन किया है। उत्कर्ष का गंगा के तट से निकलकर सिविल सर्विस परीक्षा पास कर करने तक सफर काफी प्रेरणादायक रहा है। उत्कर्ष ने जो भी परीक्षा दी उसमें सफलता हासिल की।
 
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उत्कर्ष तोमर ने रानीपुर स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की। स्कूल में भी वह टॉपर रहे। आईआईटी खड़कपुर के लिए उनका चयन हुआ, लेकिन मैकेनिकल इंजीनियरिंग न होने की वजह से एनआईटी कुरुक्षेत्र से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया और यहां भी टॉप किया। कॉलेज में पढ़ते हुए ही यूएसए की कंपनी में प्लेसमेंट हो गया था और पोस्टिंग बंगलूरू में मिली। छह माह काम करने के बाद नौकरी छोड़ दी।
 
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गेट की परीक्षा दी तो ऑल इंडिया में 70वीं रैंक आई। एमटेक के लिए आईआईटी मुंबई और आईएससी बंगलूरू के लिए चयन हुआ। उत्कर्ष ने भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर में ज्वाइन किया। एक माह काम करने के बाद हरिद्वार भेल में नौकरी लग गई। जीवन में कुछ बड़ा करने की इच्छा लिए भेल में दो माह नौकरी करने के बाद छोड़ दी और यूपीएससी की तैयारी में लग गए। वर्ष 2017 में आईईएस में 19वीं रैंक हासिल की। आईईएस (इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस) की नौकरी करते हुए ही दो माह पूर्व फरवरी माह में 14वी रैंक से आईएफएस की परीक्षा उत्तीर्ण की। 306वीं रैंक हासिल कर सिविल की परीक्षा उत्तीर्ण की।
 

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उत्कर्ष के पिता तेजवीर सिंह तोमर कक्षा दस और 12 में टॉपर रहे हैं। एमकॉम में 9वां स्थान आया था। पांच साल एलआईसी में कार्य किया। पीसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सेल्स टैक्स अफसर बनने का अवसर मिला, लेकिन नौकरी नहीं की। वर्ष 1989 में यूपी हायर सर्विस कमिश्न से हरिद्वार आए और तभी तक एसएमजेएन पीजी कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। माता डा. शशि प्रभा भी बचपन से होनहार रही हैं। बीए, एमए करने के बाद राजनीतिक विज्ञान से एमफिल की और गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद पीएचडी की और वर्तमान में महिला महाविद्यालय में प्राचार्य हैं। उत्कर्ष की बहन अदिति तोमर ने वर्ष 2013 में 96.3 प्रतिशत के साथ 12वीं कक्षा में उत्तराखंड में दूसरा स्थान हासिल किया था। सिस्को कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर वर्तमान में कार्यरत हैं और यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं।
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पिता ने बताया कि एक बार उत्कर्ष को भेल से नौकरी छोड़ते समय अधिकारी ने कहा था कि नौकरी क्यों छोड़ रहे हो। इतनी अच्छी नौकरी छोड़ तो तुम कुछ नहीं कर पाओगे, लेकिन उत्कर्ष ने नहीं सुनी और लगन से पढ़ाई की। जिसके बाद पहले ही  प्रयास में सिविल परीक्षा उत्तीर्ण की।
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