बड़ी संख्या में लोग हरकी पैड़ी जा रहे थे या फिर लौट रहे थे। पोस्ट आफिस से हरकी पैड़ी तक पहुंचने में हर किसी को पसीना बहाना पड़ा। मंसा देवी मंदिर को जाने वाले पैदल रास्ते पर भी श्रद्धालुओं की लंबी कतार थी। यह क्रम दिनभर चलता रहा। हरकी पैड़ी पुलिस चौकी के आसपास पांव रखने की जगह नहीं थी। गंगा के घाट पहले की तरह गुलजार थे। ब्रह्मकुंड ही नहीं, नाईसोता, अस्थि प्रवाह, मालवीय, सुभाष घाट पर दूर दूर तक हजारों श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगा रहे थे।