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छोटे हिमयुग से जुड़ा केदारनाथ मंदिर का ये हैरतअंगेज सच, जिससे वैज्ञानिक भी हैं हैरान

Thu, 04 May 2017 05:17 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
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बुधवार को केदारनाथ धाम के कपाट तीर्थयात्रियों के ल‌िए व‌िध‌ि व‌िधान से पूजा अर्चना कर खोल द‌िए गए हैं। ले‌क‌िन छोटे ह‌िमयुग से जुड़ा केदारनाथ मंद‌िर का ये हैरतअंगेज सच आप नहीं जानते होंगे। तो चल‌िए हम आपको बताते हैं एक ऐसा सच जो आपको हैरानी में डाल देगा।
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क्या आपको पता है क‌ि केदारनाथ मंदिर 400 साल तक बर्फ में दबा रहा था। जी हां, ये सच है। लेक‌िन इतने समय तक बर्फ में दबे रहने के बाद भी मंद‌िर को कुछ नहीं हुआ। 
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यहां तक क‌ि वर्ष  2013 में आई जल प्रलय में मंद‌िर पानी में पूरी तरह से डूब गया था। लेक‌िन आज भी मंद‌िर की खूबसूरती पहले की तरह ही बरकरार है। वाडिया इंस्टीट्यूट के हिमालयन जियोलॉजिकल वैज्ञानिकों के मुताब‌िक मंद‌िर आज भी पूरी तरह से सुरक्ष‌ित है। 

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बता दें क‌ि 13वीं से 17वीं शताब्दी तक यानी 400 साल तक एक छोटा हिमयुग आया था। जिसमें हिमालय का एक बड़ा क्षेत्र बर्फ के अंदर दब गया था। मंदिर ग्लैशियर के अंदर नहीं था बल्कि बर्फ के ही दबा था।
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वैज्ञानिकों के अनुसार मंदिर की दीवार और पत्थरों पर आज भी इसके निशान हैं। ये निशान ग्लैशियर की रगड़ से बने हैं। ग्लैशियर हर वक्त खिसकते रहते हैं। वे न सिर्फ खिसकते हैं बल्कि उनके साथ उनका वजन भी होता है और उनके साथ कई चट्टानें भी, जिसके कारण उनके मार्ग में आई हर वस्तुएं रगड़ खाती हुई चलती हैं। 
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जानकारी के मुताब‌िक विक्रम संवत् 1076 से 1099 तक राज करने वाले मालवा के राजा भोज ने इस मंदिर को बनवाया था, लेकिन कुछ लोगों के अनुसार यह मंदिर 8वीं शताब्दी में आदिशंकराचार्य ने बनवाया था। 
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वैज्ञान‌िकों का मानना है क‌ि मंदिर बहुत ही मजबूत बनाया गया है। मोटी-मोटी चट्टानों से पटी है इसकी दीवारें और उसकी जो छत है वह एक ही पत्थर से बनी है।  
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85 फीट ऊंचा, 187 फीट लंबा और 80 फीट चौड़ा है केदारनाथ मंदिर। इसकी दीवारें 12 फीट मोटी है और बेहद मजबूत पत्थरों से बनाई गई है। मंदिर को 6 फीट ऊंचे चबूतरे पर खड़ा किया गया है।  यह हैरतअंगेज है कि इतने भारी पत्थरों को इतनी ऊंचाई पर लाकर तराशकर कैसे मंदिर की शक्ल ‍दी गई गई।
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