हर किसी को किसी न किसी चीज का शौक जरूर होता है। इंसान की हॉबी कई बार उसे ऊंचाईयों तक पहुंच देती है। ऐसा ही कुछ हुआ रुड़की के रमेश भटेजा के साथ।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 7
चलिए आपको बताते हैं रमेश भटेजा के एक अनोखे शौक के बारे में। जिसने उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज करा दिया।
विज्ञापन
3 of 7
जाहिर है इस उपलब्धि से भटेजा बहुत खुश हैं। लेकिन वे हमेशा से ही कुछ अलग करना चाहते थे, और उन्होंने किया भी। जिससे पीएम मोदी ने भी उनकी तारीफ की और बाबा रामदेव भी उनके फेन हो गए।
4 of 7
वैसे तो अक्सर शौचालय के बारे में सुनकर लोग नाक-मुंह सिकोड़ लेते हैं। लेकिन भटेजा ने बिना किसी झिझक के देशभर के विभिन्न समाचार पत्रों में छपे शौचालयों की पेपर कटिंग को एकत्र किया। इसका संग्रह बना लिया। इस संग्रह में अब तक 982 अलग-अलग तरह के समाचार शामिल हैं।
विज्ञापन
5 of 7
बता दें कि उनके इस कलेक्शन को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय से भी उन्हें प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा पतंजलि योगपीठ के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने भी उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
विज्ञापन
6 of 7
उनके संग्रह में हीरे जवाहरात एवं सोने के शौचालय, विश्व का सबसे बेशकीमती शौचालय, पशुओं का शौचालय, शौचालय में विवाह, इंग्लैंड के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर द्वारा चेरी को शौचालय में प्रपोज करना, सद्दाम हुसैन का गोल्ड प्लेटेड शाही शौचालय, शौचालय पर पीएचडी, शौचालयों पर राजनीति, शौचालयों से विद्युत उत्पादन आदि सहित अनगिनत खबरों को उन्होंने संकलित किया है।
उनके इस अनोखे कलेक्शन के चलते ही उनका नाम लिम्बा बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज हो गया है। बता दें कि इससे पहले विश्व शौचालय सम्मेलन में इनकी प्रदर्शनी को विशेष रूप से स्थान दिया गया था। उनके इस काम के लिए वर्ष 2009 में आईआईटी रुड़की ने सृष्टि कार्यक्रम के तहत प्रथम पुरस्कार भी दिया गया था। बता दें कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने उन्हें शौचालय की जानकारी के लिए ब्रांड एंबेसडर बनाने की भी बात कही।