kamlesh
जब तक वह गांव में रहता हर समय कपड़े की गेंद से क्रिकेट खेलता रहता था। आंगन की पिच पर चाचा पूरन भी उसकी गेंदों का सामना कर चुके हैं। इस बीच भारतीय टीम के 217 के लक्ष्य छूते ही घर पर मौजूद लोगों के साथ पूरा गांव खुशी से झूम उठा। घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया और मिठाई खाने और खिलाने का सिलसिला शुरू हो गया।