पेपर लीक होने के बाद उसे बेचने की जो लंबी चेन बनी, उसकी अहम कड़ी मास्टरमाइंड राजेश चौहान की ससुराल थी। केंद्रपाल और राजेश की जान पहचान भी ससुराल के एक सदस्य ने ही कराई थी। इन्हीं की मौजूदगी में पेपर लीक का सौदा हुआ और फिर रुपये भी राजेश की ससुराल और रिश्तेदारों को दिए गए। अब एसटीएफ इन पर भी शिकंजा कसने जा रही है।
राजेश से पेपर खरीदकर केंद्रपाल ने अपनी चेन बनाई और फिर कर्मचारियों ने अपनी चेन बनाकर करोड़ों रुपये के वारे न्यारे कर डाले। अभी तक कुल मिलाकर 300 से अधिक अभ्यर्थियों तक पेपर पहुंचने की जानकारी एसटीएफ को मिल चुकी है। दरअसल, केंद्रपाल धामपुर का रहने वाला है। टेंपो चलाने से लेकर महज 10 वर्षों के भीतर ही वह धामपुर में अच्छी-खासी पकड़ रखने लगा। पेपर लीक के मास्टरमाइंड आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन के मालिक राजेश चौहान की ससुराल भी धामपुर में है।
उसकी ससुराल के एक सदस्य के साथ केंद्रपाल का मेल मिलाप था। इसी ने राजेश और केंद्रपाल की मुलाकात करा दी। चूंकि, केंद्रपाल प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक कराता था। लिहाजा, उसकी राजेश से भी बात हो गई। स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर की डील भी राजेश के ससुराल वालों की मौजूदगी में हुई।