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दुनिया छोड़ चला गरीब और बेसहाराओं का मसीहा, रो पड़ा हर दिल

Mon, 06 Jun 2016 01:30 PM IST
भास्कर पोखरियाल / अमर उजाला, रुद्रपुर
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udham singh nagar DM akshat gupta - फोटो : file photo
हंसमुख स्वभाव और विवेकशील कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले अक्षत गुप्ता ने बतौर डीएम अपने ऊधमसिंह नगर में सात माह के कार्यकाल में जनपद को एक अलग पहचान दिलाई थी। अनाथ, गरीबों और बेसहारा लोगों के उत्थान पर उनका विशेष फोकस रहा। उन्होंने जब से जनपद में कार्यभार संभाला तभी से अनाथ और दीन-हीन बच्चों को एक अभिभावक के रूप में मसीहा मिल गया था। वर्तमान में गरीब बच्चों के लिए कई जिलों में चलाई जा रही मिशन आरोहण पोषण योजना अक्षत गुप्ता की ही देन है।
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एक IAS अफसर जो था गरीब और बेसहारा लोगों का मसीहा

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udham singh nagar DM akshat gupta
अक्षत गुप्ता बेसहारा बच्चों की शिक्षा और उनके पोषण को लेकर इतने चिंतित रहते थे कि वह स्वयं तो समय समय पर इन बच्चों से मिलते ही थे साथ ही अपनी धर्म पत्नी रिद्धिम अग्रवाल को भी इन बच्चों का हाल जानने के लिए भेजते थे। इन बच्चों के लिए उनके भागीरथ प्रयासों का ही परिणाम है कि आज जनपद के सैकड़ों अनाथ और बेसहारा बच्चों का सही पालन
पोषण हो रहा है।
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एक IAS अफसर जो था गरीब और बेसहारा लोगों का मसीहा

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udham singh nagar DM akshat gupta
वर्तमान में यूएस नगर के एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले के साथ ही आईएएस अक्षत गुप्ता ने देहरादून के मसूरी में वर्ष 2006
में ट्रेनिंग ली थी। एसएसपी ताकवाले को जैसे ही यह दुखद सूचना मिली उनकी भी आंखें नम हो गईं। उन्होंने बताया कि अक्षत जी के साथ उन्होंने देहरादून के मसूरी में 2006 में ट्रेनिंग की थी। अक्षत गुप्ता के बारे में बताते हुए एसएसपी ताकवाले भरे मन से कहते हैं कि उनका शुरू से ही हंसमुख व्यवहार और काम के प्रति गंभीरता रहती थी। कई बार ट्रेनिंग में उन्हें अहम बिंदुओं पर गंभीरता से सोचते हुए भी देखा था। अपनी ट्रेनिंग टीम में वह बेहद स्मार्ट और काफी मिलनसार थे।

एक IAS अफसर जो था गरीब और बेसहारा लोगों का मसीहा

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udham singh nagar DM akshat gupta
दया भाव और न्यायप्रिय शैली आईएएस अक्षत गुप्ता की विशेष पहचान थी। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान श्रमिकों को न्याय
दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। गरीब और श्रमिक वर्ग जो भी उनके पास न्याय की आस लेकर आया, उसे कभी भी उन्होंने निराश नहीं किया। कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले लोग उनके दयाभाव के कायल थे। जितने समय भी वह कार्यालय में रहे उन्हें किसी ने कभी गुस्से में नहीं देखा। हमेशा चेहरे पर मुस्कुराहट रखने वाले अक्षत गुप्ता का अचानक इस दुनिया से विदा हो जाना आज जिले के हर शख्स को खल रहा है।
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एक IAS अफसर जो था गरीब और बेसहारा लोगों का मसीहा

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udham singh nagar DM akshat gupta
रुद्रपुर जिले में औद्योगिक शांति बनाने में भी अक्षत गुप्ता ने अहम भूमिका निभायी थी। 6 नवंबर 2015 को जिलाधिकारी के रूप में जनपद की कमान संभालने के बाद उन्होंने यहां के औद्योगिक परिवेश को देखते हुए औद्योगिक शांति बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया। आये दिन होने वाली श्रमिकों की हड़ताल को उन्होंने न सिर्फ गंभीरता से लिया, बल्कि मुद्दों की तह तक जाकर मामलों को सावधानी से निपटाया।
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एक IAS अफसर जो था गरीब और बेसहारा लोगों का मसीहा

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udamsingh nagar DM akshat gupta - फोटो : file photo
अक्षत गुप्ता की कायशैली आम जनता को तो प्रभावित करती ही थी, साथ ही जिले की अफसरशाही भी उनके कुशल नेतृत्व से खासी प्रभावित थी। उन्होंने कभी भी अपने किसी अधीनस्थ को निराश और हतोत्साहित नहीं होने दिया। वह अधीनस्थों के साथ भी बेहतर तालमेल से काम करते थे। अधिकारी वर्ग उनकी कार्यशैली से संतुष्ट था, यही वजह है कि पिछले दिनों जब उनके स्थानांतरण की खबर आई तो हर अधिकारी हैरान थे। अब जब वह असमय दुनिया से विदा हुए हैं तो किसी को भी इस
दुखद घटना पर यकीन नहीं हो रहा।
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