तीर्थयात्रियों की सुविधा और रुद्रप्रयाग बाजार में जाम के झाम से निजात दिलाने के लिए रुद्रप्रयाग में 900 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया जाएगा। यह सुरंग ऋषिकेश-बदरीनाथ और रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे को भी जोड़ने का काम करेगी। सुरंग निर्माण के लिए इन दिनों बोर होल सर्वेक्षण अंतिम चरण में है।
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- फोटो : Demo Pic
जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में जगतोली (लोनिवि कार्यालय से कुछ आगे) में बने जवाड़ी बाईपास पुल के पास से सुरंग का निर्माण होगा, जो दूसरे छोर पर रुद्रप्रयाग-चोपता-पोखरी मोटर मार्ग पर बेलणी आबादी क्षेत्र से कुछ दूर निकलेगी। यहां अलकनंदा नदी पर पुल निर्माण का कर सुरंग को बदरीनाथ हाईवे से जोड़ा जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना से जहां रुद्रप्रयाग बाजार में जहां आए लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी, वहीं बेलणी बस्ती क्षेत्र को भी खतरा नहीं रहेगा।
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- फोटो : Demo Pic
सुरंग निर्माण के लिए दक्षिण कोरिया की योग्मा इंजीनियरिंग और भारत की फीडबैक इंट्रा कंपनी चार बोर होल सर्वेक्षण कर रही हैं।अभी तक 50 मीटर, 70 मीटर और 140 मीटर के तीन बोर होल सर्वे हो चुके हैं। अंतिम सर्वे 265 मीटर बोर होल का चल रहा है, जिसमें 20 मीटर शेष रह गया है। सर्वे पूरा होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर डीपीआर बनेगी।
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tunnel
सुरंग निर्माण में बोर होल परीक्षण से जमीन के अंदर की चट्टान, मिट्टी की कठोरता और भूजल के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है। मशीनों की मदद से 72 एमएम मोटे पाइप से यह सर्वेक्षण किया जाता है। इस परीक्षण से चट्टान की उम्र का पता भी लग जाता है।
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- फोटो : amar ujala
बीआरओ ने रुद्रप्रयाग में बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे को आबादी क्षेत्र से बाहर जोड़ने के लिए वर्ष 2008-09 में 900 मीटर सुरंग का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा था।
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बदरीनाथ धाम
- फोटो : Amar Ujala
गहन अध्ययन और विशेषज्ञों की राय के बाद केंद्र से वर्ष 2011-12 में सुरंग के सर्वेक्षण के लिए स्वीकृति दी गई थी। कई औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद पिछले वर्ष से सर्वेक्षण कार्य शुरू हुआ।
बदरीनाथ व केदारनाथ हाईवे को जोड़ने के लिए रुद्रप्रयाग में सुरंग निर्माण के लिए अभी तक हुए तीन बोर होल सर्वेक्षण सफल रहे हैं। चौथे सर्वेक्षण का कार्य अंतिम चरण में है। रिपोर्ट के आधार पर अगले दो माह में डीपीआर तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी।
- गौरव कुमार, कमान अधिकारी, बीआरओ, 66 आरसीसी गौचर