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तस्वीरों में देखिए, 'स्वर्ग' में मौजूद भगवान शिव का धाम

Sun, 17 Jul 2016 03:12 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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tungnath highest temple of lord shiva
उत्तराखंड में मौजूद पंच केदारों में से एक तुंगनाथ मंदिर को दुनिया के सबसे ऊंचाई पर स्थित शिव मंदिर होने का गौरव प्राप्त है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बनती है।
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यह मंदिर तुंगनाथ माउंटेन रेंज में समुद्र स्तर से 3680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण अर्जुन ने किया था।
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तुंगनाथ का शाब्दिक अर्थ 'पीक के भगवान' है। इस मंदिर में भगवन शिव के हाथ कि पूजा की जाती है, जो कि वास्तुकला के उत्तर भारतीय शैली का प्रतिनिधित्व करती है। मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर नंदी बैल की पत्थर कि मूर्ति है, जो हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव का आरोह है।

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काला भैरव और व्यास के रूप में लोकप्रिय हिंदू संतों की मूर्तियों भी पांडवों की छवियों के साथ मंदिर में निहित हैं। इसके अलावा, विभिन्न देवी देवताओं के छोटे छोटे मंदिरों को इस मंदिर के आसपास देखा जा सकता है। भारी बर्फबारी की वजह से यह मंदिर नवंबर और मार्च के बीच में बंद रहता है।
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तुंगनाथ मन्दिर उत्तराखंड के गढ़वाल के चमोली ज़िले में स्थित है। यह मन्दिर भगभान शिव को समर्पित है और तुंगनाथ पर्वत पर अवस्थित है। हिमालय की ख़ूबसूरत प्राकृतिक सुन्दरता के बीच बना यह मन्दिर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। मुख्य रूप से चारधाम की यात्रा के लिए आने वाले यात्रियों के लिए यह मन्दिर बहुत महत्त्वपूर्ण है।
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इस मन्दिर से जुडी एक मान्यता यह प्रसिद्ध है कि यहां पर शिव के ह्रदय और उनकी भुजाओं की पूजा होती है। इस मन्दिर की पूजा का दायित्व यहां के एक स्थानीय व्यक्ति को है। समुद्रतल से इस मन्दिर की ऊंचाई काफ़ी अधिक है, यही कारण है कि इस मन्दिर के सामने पहाडों पर सदा बर्फ जमी रहती है।
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एक अन्य मान्यता के अनुसार भगवान राम ने जब रावण का वध किया, तब स्वयं को ब्रह्माहत्या के शाप से मुक्त करने के लिये उन्होंने यहां शिव की तपस्या की। तभी से इस स्थान का नाम 'चंद्रशिला' भी प्रसिद्ध हो गया।
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