वहीं गढ़वाल में शासन-प्रशासन की ओर से हर साल चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर छह माह पूर्व से ही बंद कमरों में बैठकों का दौर शुरू हो जाता है। यात्रा शुरू होने से चार माह पूर्व अधिकारी धामों में तैयारियों का जायजा लेने के लिए भी पहुंचते हैं, लेकिन यात्रा के चरम पर पहुंचते ही सारी तैयारियां धरी की धरी रह जाती है। देश-विदेश से पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों व पर्यटकों को जाम, पेट्रोल-डीजल, एटीएम से पैसा नहीं होने, बदहाल सड़कें, स्टेंड पोस्ट, शौचालय जैसी मूल समस्याओं से जूझना पड़ता है। इस बार भी ऐसे ही हाल हैं।