शनि ग्रह
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प्रकृति और अंतरिक्ष में चमत्कारिक, अविश्वसनीय घटनाएं होती रहती हैं। इस बार भी ऐसा ही होने जा रहा। जिन ग्रहों शनि और बृहस्पति को 397 वर्ष बाद ‘सर्वाधिक निकट’ बताया जा रहा है, दरअसल वे इस रोज आपस में अपनी औसत दूरी 64 करोड़ किलोमीटर से कहीं ज्यादा लगभग 73 करोड़ किमी दूर होंगे। इसके बावजूद वे इतने ज्यादा निकट इसलिए नजर आएंगे, क्योंकि वे एक दूसरे के पीछे होंगे और पृथ्वी से देखने पर एक सीधी रेखा में होने के कारण उनके बीच ज्यादा दूरी के बावजूद का कोण कम होगा, जिससे वे निकट प्रतीत होंगे।