सोमवार रात को 10.33 बजे से लेकर देर रात 1 बजे तक केदारनाथ में तीन भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके बाद भी केदारनाथ को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। भूकंप के झटके से मंदिर सहित पूरी केदारपुरी थर्रा गई थी।
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kedarnath dham
- फोटो : file photo
जून 2013 की आपदा के बाद से अति संवेदनशील बने केदारनाथ पर सभी की निगाहें टिक गई हैं। यहां अधिकांश भवनों में दरारें पड़ी हैं, जिनसे खतरा बना है।
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इन दिनों धाम में 7 फीट बर्फ पड़ी है। ऐसे में दरारों का आकलन करना मुश्किल हो रहा है, जिस तरह से भूकंप के झटकों से केदारनाथ धाम कांपा है, उससे यहां दरारें बढ़ने के साथ जमीनी खिंचाव भी बढ़ना तय है।
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केदारनाथ
- फोटो : AmarUjala
भूकंप के झटके के दौरान निम के कैप्टन सोबन सिंह सहित सभी लोग बाहर आग गए थे। ये लोग आधा घंटे आसमान के नीचे रहे। कैप्टन सोबन सिंह ने बताया कि भूकंप के तेज झटके से मंदिर सहित पूरी केदारपुरी थराई है।
यह कहना मुश्किल है कि आपदा के दौरान मकानों में पड़ी दरारें चौड़ी न हुई हों, लेकिन बर्फ के कारण केदारनाथ की सही स्थिति बताना अभी मुश्किल है। जिलाधिकारी रंजना ने बताया कि केदारनाथ धाम सुरक्षित है। वहां पूरी नजर रखी जा रही है।