पांच-सात पहले तक जिस काम के लिए उत्तराखंड के कलाकार देहरादून और दिल्ली के चक्कर काटते थे, आज उसी काम के लिए देहरादून और दिल्ली के लोग पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं।
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अपनी किस्मत अपने हाथों लिख यह सब संभव कर दिखाया श्रीनगर गढ़वाल के तीन जुनूनी भाईयों ने। पहाड़ के एक छोटे से कस्बे से अपनी मेहनत, टैलेंट, क्रिएटिविटी और क्वालिटी के दम पर वह सिंगापुर तक में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं।
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यह कहानी श्रीनगर गढ़वाल निवासी ईशान, कुणाल और सलिल डोभाल की है। एमए थिएटर कर चुके ईशान डोभाल और कुणाल डोभाल ने करीब पांच साल पहले श्रीनगर गढ़वाल में पांडवाज क्रिएशन के नाम से स्टूडियो खोला। इसके जरिये उन्होंने गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी गीत-संगीत के क्षेत्र में नई सोच के साथ काम शुरू किया।
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पम्मी नवल के प्रसिद्ध जागर हुराणी कु दिन और सुन जा मेरी हां गीत के संगीत में उन्होंने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ कई तरह के नए प्रयोग किए, जिन्हें संगीत प्रेमियों ने जमकर सराहा। फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के शौकीन सबसे छोटे भाई सलिल भी उनके साथ जुड़े तो पांडवाज क्रिएशन को मानो पंख लग गए।
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गीत-संगीत और सिनेमेटोग्राफी में रचनात्मक प्रयोगों से पांडवाज ने जल्द ही उत्तराखंड के सबसे बेहतर प्रोडक्शन हाउस के रूप में पहचान बना ली। इसके बाद उन्होंने गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी, नेपाली और हिंदी के कई गीत तैयार किए, जिन्हें लोगों ने खूब पसंद किया।
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उनकी प्रतिभा को देखते हुए सिंगापुर की प्रतिष्ठित कंपनी टैलेंट फ्लैश ने उनके साथ अनुबंध किया, जिसके जरिये वह नई प्रतिभाओं को मौका देते हैं। रंचणा, मेरी गैल्याणी, मेरी गांजणा, फ्योलडिया, पंडौं की स्वर्गारोहिणी जात्रा, साहेबो, यनु लगौ झुमैलो, गढ़वाली कविताएं, केन लगाए बाडुली जैसे गीतों में उनकी रचनात्मकता ने लोकप्रियता का नया शिखर छुआ।
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पांडवाज क्रिएशन ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत और उत्तराखंड की विलुप्त प्राय: बेडा गायकी का फ्यूजन रंचणा के रूप में तैयार किया। इस गीत को पंडित भीमसेन जोशी की शिष्या और प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका सौदामिनी वेंकटेश ने अपनी आवाज दी। इस गीत में संगीत, सिनेमेटोग्राफी, पारंपरिकता के आधुनिकतम स्वरूप में प्रयोग को दर्शकों ने खूब सराहा।
पांडवाज क्रिएशन की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, पिछले दो सालों में उन्हें लगातार उत्तराखंड फिल्म व संगीत उद्योग का सबसे बड़ा अवॉर्ड मिला है। ईशान डोभाल को 2014 व 2015 में यंग उत्तराखंड सिने अवॉर्ड्स (यूका) में बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर चुना गया। 2016 में ही उन्हें रुद्र रत्न महोत्सव से भी सम्मानित किया गया। इसी वर्ष उन्हें यूथ आइकन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है।