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अकेले चीनी सैनिकों को धूल चटाने वाला यह शहीद राइफल मैन आज भी जिंदा, सेना में करता है काम

Thu, 29 Nov 2018 08:42 AM IST
संदीप थपलियाल, अमर उजाला, श्रीनगर
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martyr rifleman jaswant singh rawat - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में पौड़ी जिले के बरयूं गांव के रहने वाले राइफलमैन जसवंत सिंह रावत ने 1962 के भारत-चीन युद्ध में 300 चीनी सैनिकों को मौत के घाट उतारा था। 
 
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martyr rifleman jaswant singh rawat
शहीद जसवंत ने 72 घंटे तक अकेले ही चीनी सेना से संघर्ष किया था और 300 चीनी सैनिकों को मौत के घाट उतारा था। शहीद होने के बाद भी भारतीय सेना में उनको सेवारत माना जाता रहा और पदोन्नति भी मिली। (जसवंतगढ़)
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jaswant singh rawat
अरुणाचल प्रदेश के नौरांग में जहां जसवंत सिंह शहीद हुए, उस जगह को जसवंतगढ़ के नाम से जाना जाता है। जसवंतगढ़ में उनका मंदिर है, जहां स्थानीय निवासी उनकी पूजा करते हैं।
 

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martyr, rifleman, jaswant singh rawat
अकेले चीनी सेना को धूल चटाने वाले राइफल मैन जसवंत सिंह रावत की वीरता पर आधारित फिल्म का पहला डिजीटल पोस्टर जारी हो गया है। फिल्म को ‘72 आवर्स मारट्यर हू नेवर डाइड’ नाम दिया गया है।
 
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जेएसआर प्रोडक्शन हाउस ने शहीद जसवंत के जीवन पर फिल्म बनाई है, जिसके स्क्रिप्ट राइटर अविनाश ध्यानी है। फिल्म में मूलत: श्रीनगर निवासी ऋषि भट्ट ने संवाद लिखने के साथ ही अभिनय भी किया है।
 
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film shooting - फोटो : demo
मंगलवार को फिल्म निर्माता कंपनी ने डिजीटल पोस्टर रिलीज कर दिया। ऋषि ने बताया कि वास्तविकता दिखाने के लिए फिल्म की शूटिंग 7 हजार फीट की ऊंचाई पर की गई है। शूटिंग लगभग एक साल चली।
 
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चीनी सैनिक - फोटो : SELF
अब फिल्म 18 जनवरी 2019 को रिलीज होगी। फिल्म के जरिए वर्तमान पीढ़ी उत्तराखंड के वीरों के जीवन से रूबरू होगी और जान सकेंगे, किस प्रकार जसंवत ने अकेले रहते हुए हिम्मत नहीं हारी और चीनी सेना को धूल चटाई।
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