विगत 22 मई को उसका अपने दोस्त गाजियाबाद निवासी सुधांशु के साथ टर्की में घूमने जाने का कार्यक्रम बना। उन्होंने बताया कि इंस्ताबुल में 24 मई को लूट के इरादे से कुछ हथियारबंद लुटेरों ने दोनों को घेर लिया। सुधांशु ने कोई विरोध किए बिना जेब में डॉलर उन्हें थमा दिए। जबकि शुभम ने विरोध किया तो उन्होंने लाठी डंडे, चाकू से हमला कर गोली मार दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद इंडियन एंबेसी से संपर्क किया गया। जिसके बाद जरूरी औपचारिकताएं पूरी की गई। विगत शनिवार की रात को जानकारी मिली थी कि रविवार की सुबह को शव इंडिया पहुंच जाएगा। जानकारी के मुताबिक उन्हें आतंकी बताया जा रहा है।