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Uttarakhand: मदरसे में नफरत का जहर घोल रहा था अलीनूर, गजवा-ए-हिंद की फौज खड़ी करने की थी साजिश

Wed, 12 Oct 2022 02:00 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
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मदरसे
उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की ओर से सलेमपुर से बांग्लादेशी समेत तीन आतंकियों की गिरफ्तारी से हरिद्वार फिर सुर्खियों में है। बांग्लादेशी आतंकी अलीनूर सलेमपुर में नाम बदलकर रहता था। सलेमपुर में एक मदरसे में बच्चों को पढ़ाने की आड़ में उनके दिमाग में नफरत का जहर घोल रहा था।

रुड़की के मुदस्सिर और देवबंद के कामिल के साथ ज्वालापुर व सेलमपुर में मुस्लिम युवाओं को बहकाकर गजवा-ए-हिंद की फौज खड़ी कर रहा था। यूपी एटीएस ने तीनों आतंकियों को दबोचकर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है। एनआईए ने अगस्त में भोपाल से तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आतंकियों के सक्रिय होने की जानकारी मिली थी।

यूपी एटीएस इसमें छानबीन कर रही थी। हरिद्वार के सलेमपुर में बांग्लादेशी आतंकी अलीनूर, रुड़की के उसके साथी मुदस्सिर और देवबंद के कामिल की पुख्ता जानकारी मिलने पर 30 सितंबर की रात 8:30 बजे एटीएस ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ छापा मारा था। टीम ने दोपहर ढाई बजे से आतंकियों को दबोचने के लिए जाल बिछाया। 
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उत्तराखंड पुलिस - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
अलीनूर, मुदस्सिर और कामिल को सिडकुल के दादपुर गोविंदपुरी से उठाया था जबकि टीम ने ज्वालापुर के कपड़े की दुकान पर भी छापा मारा। वहां से दुकान संचालक अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, दुकान संचालक को तीन से चार दिन बाद छोड़ दिया गया। अलीनूर मूल रूप से गोपालगंज ढांका बांग्लादेश का है। उसका संबंध आतंकी संगठन क्यूआईएस और जेएमबी से है। अलीनूर मुस्लिम युवाओं को गजवा-ए-हिंद की विचारधारा से जोड़ने का काम करता है। 
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उत्तराखंड पुलिस - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
सूत्रों के मुताबिक अलीनूर ज्वालापुर में अब्दुल रहमान की कपड़े की दुकान पर अक्सर आकर बैठता था। अलीनूर हरिद्वार के सलेमपुर में जहांगीर मंडल के नाम से किराये पर रहता था। रुड़की के नगला इमरती का मुदस्सिर ही अलीनूर को हरिद्वार लेकर आया था। दोनों की मुलाकात कुछ समय पहले कोलकाता में कामिल ने कराई थी।

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उत्तराखंड पुलिस - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
सूत्रों के मुताबिक अलीनूर सलेमपुर में मदरसे में बच्चों को भी पढ़ाता था। बच्चों के दिमाग में वह नफरत के बीज बो रहा था। अलीनूर असम के ग्वालपाड़ा में भी मदरसे के बच्चों को पढ़ा चुका है। हालांकि, स्थानीय पुलिस और एलआईयू आतंकी अलीनूर व मुदस्सिर के बारे में कुछ भी जानकारी होने से इनकार कर रही है। एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह के मुताबिक यूपी एटीएस के छापे और आतंकी पकड़े जाने की कोई जानकारी नहीं है। 

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उत्तराखंड पुलिस - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
सलेमपुर और ज्वालापुर मुस्लिम बाहुल्य इलाका है। अधिकतर युवा बेरोजगार और अशिक्षित हैं। अलीनूर, कामिल और मुदस्सिर ऐसे युवाओं को अपने जाल में फंसाकर उनका ब्रेनवॉश करते थे। ज्वालापुर और सलेमपुर में गजवा-ए-हिंद की फौज तैयार करने के लिए मुस्लिम युवाओं  को देश के खिलाफ भड़काते थे। उनके साथ नुक्कड़ बैठकें करते थे। 
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