दानिश अहमद की गिरफ्तारी से आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन संगठन का नापाक सच सामने आया है। दानिश ने कबूल किया है कि हिजबुल ने दानिश को आतंकी बनने के लिए उकसाया था।
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danish ahmed
इतना ही नहीं आतंकी बनने के कुछ समय बाद वह खुद असहज महसूस करने लगा था। इसी से पता चलता है कि ये आतंकी संगठन किस तरह युवाओं को आतंक की गर्त में झौंक रहा है।
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Terrorist
- फोटो : File Photo
ये आतंकी संगठन को युवाओं को अपने झांसे में फंसाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहा है। दानिश को भी उत्तरी कश्मीर में युवाओं को आतंकी बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
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सोशल मीडिया
- फोटो : Astute Media
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पूछताछ में उसने बताया कि वह दक्षिणी कश्मीर के आतंकियों से सोशल मीडिया के जरिये संपर्क में था और उनके द्वारा उकसाए जाने पर वह आतंकी बना। उसने कहा कि दक्षिणी कश्मीर में आतंकियों से साथ कुछ समय बिताने के बाद उसे आतंकवाद में शामिल होने की गलती का अहसास हुआ।
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danish
आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से रिश्ते, हथियार रखने और सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी के आरोप में कश्मीर पुलिस ने बुधवार को देहरादून के एक छात्र दानिश अहमद को हंदवाड़ा (कश्मीर) से गिरफ्तार कर लिया गया था। आरोपी छात्र दानिश कश्मीर का रहने वाला है और देहरादून के दून पीजी कॉलेज के तृतीय वर्ष का छात्र है।
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आईएमए में पीओपी
- फोटो : अमरउजाला
वहीं दानिश के आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से संबंधों की पुष्टि के बाद उत्तराखंड की खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ गईं, क्योंकि शहर में दो दिन के बाद इंडियन मिलिट्री एके डमी (आईएमए) की परेड है। दानिश से जुड़े अन्य लोगों की निगरानी बढ़ाए जाने के साथ कई अन्य संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
हिजबुल मुजाहिदीन अप्रैल, 1990 में अस्तित्व में आया एक अलगाववादी संगठन है। इसका गठन मुहम्मद एहसान डार ने किया था। 17 अक्टूबर 2016 को जम्मू-कश्मीर में ज़ाकिर मूसा को हिज़्बुल का नया कमांडर बनाया। ये बुरहान वानी की मौत के बाद उसकी जगह नया कमांडर बनाया गया।