ब्लाॅक के राजगढ़ी में स्थित 200 साल पुराना टिहरी रियासतकालीन दो मंजिला राजमहल देखरेख के अभाव में खंडहर हो गया है, जिसमें राजशाही की सिर्फ यादें ही शेष रह गई है। राजमहल के अंदर राजा के सैनिकों के ठहरने के लिए बने कक्ष भी पूरी तरह से खंडहर हो चुके हैं।
रियासत काल में राजा अपनी सेना के साथ टिहरी से राजगढ़ी पहुंचकर राजमहल में दरबार लगा कर लोगों की समस्याएं सुनते थे। टिहरी नरेश राजमहल के अंदर क्षेत्र के थोकदारों के साथ बैठकें कर लगान वसूला जाता था। साथ ही अपने चहेतों के साथ गोपनीय बैठकें कर रणनीति बनाई जाती थी। चारों ओर से बंद राजमहल में प्रवेश के लिए सिर्फ एक मेन गेट बना है। राजा की अनुमति पर ही कोई व्यक्ति अंदर प्रवेश कर पाता था।