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गंगा के लिए आखिरी सांस तक संघर्षरत स्वामी सानंद यहां दान कर गए थे शरीर

Fri, 12 Oct 2018 08:34 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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swami sanand
गंगा के लिए विशेष एक्ट पास कराने की मांग को लेकर लगातार कई माह से आमरण अनशन कर रहे स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद का आज दोपहर बाद एम्स ऋषिकेश में निधन हो गया। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश को स्वामी सानंद अपना शरीर दान कर गए हैं। उनकी इस इच्छा का सम्मान करने के लिए एम्स प्रशासन जुट गया है।
 
 
 
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एम्स में डीन डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि जब स्वामी सानंद स्वस्थ थे तो उन्होंने अपना शरीर एम्स को दान करने के लिए संकल्प पत्र हमें भिजवाया था। इस संकल्प पत्र का एम्स प्रशासन पालन करेगा और स्वामी सानंद की इस इच्छा का पूरा सम्मान किया जाएगा। डाॅक्टरों के मुताबिक कमजोरी और हार्ट अटैक से स्वामी सानंद का निधन हुआ है। बुधवार को स्वामी सांनद को जबरन एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था।
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86 वर्षीय आइआइटी कानपुर के पूर्व प्रो जीडी आग्रवाल ने जल भी त्याग दिया था। वह गंगा की अविरलता और निर्मलता को लेकर तपस्यारत थे। बता दें कि गंगा पर निर्माणाधीन जल-विद्युत परियोजनाओं को बंद करने, प्रस्तावित परियोजनाओं को निरस्त करने और कोई भी नई परियोजना स्वीकृत न करने समेत वर्ष 2012 में तैयार किए ड्राफ्ट पर गंगा एक्ट बनाने की मांग को लेकर स्वामी सानंद गत 22 जून 2018 से तप कर रहे थे। 

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मातृसदन आश्रम में तपस्यारत स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद ने नौ अक्टूबर से जल का भी त्याग दिया था। इसे देखते हुए बुधवार को प्रशासन ने उन्हें फिर ऋषिकेश एम्स में भर्ती करा दिया था। इससे पूर्व भी उन्हें एक सप्ताह के लिए एम्स में भर्ती कराया जा चुका था।
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स्वामीनंद को धरना स्थल ले उठाकर ले जाते पुलिस कर्मी
स्व. स्वामी सानंद गंगा पर बन रहे बांधों का विरोध कर रहे थे। उन्होंने सरकार से बार-बार आग्रह किया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। गंगा विशेषज्ञ सानंद ने मां गंगा की रक्षा के लिए लंबी लड़ाई लड़ी और अंत में देह त्याग दिया। उन्होंने काशी से लेकर हरिद्वार तक गंगा के लिए संघर्ष किया। उनके निधन की सूचना के बाद संत समाज और पर्यावरण प्रेमियों में शोक की लहर है।
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