फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Surya Grahan: 27 साल बाद दिखा सूर्य ग्रहण का अद्भुत नजारा, उत्तराखंड में लोगों ने कैमरे में किया कैद, तस्वीरें

Tue, 25 Oct 2022 06:24 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
विज्ञापन
1 of 6
उत्तराखंड में सूर्यग्रहण - फोटो : अमर उजाला
इस बार दीपावली के अगले दिन अमावस्या और सूर्यग्रहण होने के कारण आज यानी मंगलवार 25 अक्तूबर को कोई त्योहार नहीं मनाया गया। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ऐसा संयोग 27 साल बाद देखने को मिला है। ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती ने बताया कि यह ग्रहण भारतवर्ष सहित मध्य पूर्व, पश्चिम एशिया आदि स्थानों पर दिखाई दिया। इसका सूतक प्रभाव प्रात: काल इसी दिन 4:28 बजे से शुरू हो गया था। उत्तराखंड में लोग सूर्य ग्रहण को देखने के लिए काफी उत्साहित दिखाई दिए। 

Haridwar: 20 दिन से बंद गंगनहर में छोड़ा पानी, हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

राजधानी देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में ग्रहण का नजारा कुछ ऐसा नजर आया कि लागों की नजर नहीं हटी। लोगों ने काले चश्मे से ग्रहण के नजारे को देखा और कैमरे में कैद किया। लोगों ने एक्स-रे फिल्म से ग्रहण के नजारे को देखा। आइए देखते हैं कुछ और खास तस्वीरें...
विज्ञापन

2 of 6
उत्तराखंड में सूर्यग्रहण - फोटो : सेवक राम मनूजा(पाठक)
सूर्यग्रहण के चलते चारधाम से लेकर प्रदेशभर के सभी मंदिरों के कपाट बंद रहे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण लगना शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए ग्रहण के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। 
विज्ञापन

3 of 6
उत्तराखंड में सूर्यग्रहण - फोटो : संजय नेगी/अमर उजाला
हरिद्वार में मां मनसा देवी मंदिर, मां चंडी देवी मंदिर, मां सुरेश्वरी देवी, माया देवी मंदिर, श्री दक्षिण काली मंदिर, अंजना देवी मंदिर, दक्ष मंदिर, बिल्केश्वर मंदिर, हरिहर मंदिर के कपाट बंद रहे। 

4 of 6
उत्तराखंड में सूर्यग्रहण - फोटो : चंद्रेश पांडेय/अमर उजाला
शाम 6:30 बजे सभी मंदिरों के कपाट खुले। इसके बाद साफ-सफाई करने के बाद संध्याकालीन आरती की गई। नारायण ज्योतिष संस्थान के संस्थापक आचार्य विकास जोशी ने बताया कि ग्रहण से पहले उसके सूतक काल की शुरुआत हो जाती है। 
विज्ञापन

5 of 6
उत्तराखंड में सूर्य ग्रहण - फोटो : सेवक राम मनूजा(पाठक)
सूतक काल वो अवधि होती है, जिस दौरान किसी भी तरह के शुभ काम नहीं किए जाते हैं। सूर्य ग्रहण तुला राशि में लगा। गर्भवती महिलाओं ने अपना विशेष ध्यान रखा। ग्रहण खत्म होने के बाद लोगों ने गंगा में स्नान किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
उत्तराखंड में सूर्य ग्रहण - फोटो : संजय कुमार/अमर उजाला
ग्रहण खत्म होने के बाद लोगों ने पीपल के पेड़ का पूजन कर दीपदान किया। वहीं, ग्रहण समाप्त होने पर सरसों का तेल, उड़द, तांबे का बर्तन, गुड़, सोना और वस्त्र दान किए। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें