यह ग्रहण पूरे भारत के साथ ही यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, दक्षिण पूर्व अमेरिका में भी नजर आएगा। 20 जून को संक्रांति पड़ेगी जब उत्तरी गोलार्ध में सबसे बड़ा दिन होगा और देश में लगभग 15 घंटे उजाला रहेगा। पखवाड़े की सबसे रोचक घटना 21 जून के सूर्यग्रहण की होगी जब पूरा सूर्य चांद के पीछे छिप जाएगा और केवल इसकी बाहरी परत यानी कोरोना नजर आएगी। यह ग्रहण उत्तर भारत में नजर आएगा और पूर्वोत्तर में अधिकतम 38 सेकंड के लिए पूरा सूर्य चांद के पीछे चला जाएगा।