गुरुवार को भी उन्होंने यहां पहुंचने के बाद योगदा आश्रम में एक घंटा ध्यान किया। उसके बाद वह अपने मित्र ग्राम कौंला में गुरुशरणम चले गए। इसके बाद कुकूछीना से पांच किमी की पैदल यात्रा कर पांडवखोली स्थित महावतार बाबाजी की गुफा पहुंचे। गुफा के दर्शन के बाद उन्होंने कुछ समय वहां भी ध्यान किया।