मातृ भूमि की रक्षा में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हुए हवलदार राकेश रतूड़ी ने आतंकियों को ढेर करने के बाद अंतिम सांस ली। अंत्येष्टि में लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारों से पूरी द्रोणनगरी गूंज उठी।
महार रेजीमेंट के हवलदार राकेश रतूड़ी पड़ोसियों और दोस्तों के बीच जहां शांत स्वभाव और मिलनसार व्यवहार के लिए जाने जाते थे, वहीं आतंकियों के लिए काल थे। आतंकियों से निपटने के लिए ही उन्होंने एनएसजी कमांडों की ट्रेनिंग ली थी।
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martyr rakesh raturi
- फोटो : file photo
जम्मू-कश्मीर के सुंजवां में भी फिदायीन हमले के दौरान उन्होंने जंगल की ओर भागे एक आतंकी को मार गिराया था। बताया गया कि दो आतंकी भवन से निकलकर जंगल की ओर भाग रहे थे इसी बीच राकेश के नेतृत्व में सेना के जवानों ने उन्हें घेरने का प्रयास किया।
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rakesh raturi family
- फोटो : amar ujala
एक आतंकवादी को राकेश ने मार गिराया। जबकि चोरी छिपे चलाई गई दूसरे आतंकवादी की गोली से वे घायल और फिर शहीद हो गए।
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martyr rakesh raturi
शहीद राकेश को अंतिम विदाई देने पहुंचे लोगों में पाकिस्तान की कायराना हरकतों से खासा उबाल दिखा। लोगों ने बताया कि बड़ोवाला सैनिक बाहुल्य क्षेत्र है, हर दूसरे-तीसरे परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना में है।
बताया कि इससे पहले भी कई सैनिक अपनी शहादत दे चुके हैं, लेकिन अब पाकिस्तान की इस तरह की करतूत को सहन नहीं किया जाना चाहिए। उसे इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए।