फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तिरंगे के आगे फीका है हर रंग, जानिए क्या बोले पास आउट होने के बाद अवॉर्डी

Sun, 11 Jun 2017 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 5
देश की आन बान और शान पर मर म‌िटने की कसम खाकर अंत‌िम पग पार करने वाले रणबांकुरों के हौंसले की कोई सानी नहीं। द‌िन रात तपकर खुद को तराशने वाले जाबांज जब देश की सेना को समर्प‌ित हुए तो उनकी खुशी का ठ‌िकाना नहीं रहा। तो पढ़‌िए क्या का अवॉड पाने वाले जांबाजों ने...
विज्ञापन

2 of 5
ima
भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड में तेजपुर असम निवासी अनिवाश क्षेत्री छाए रहे। शनिवार को हुई पीओपी में भारतीय थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने उन्हें सोर्ड ऑफ ऑनर प्रदान की। उन्हें ट्रेनिंग के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल भी प्रदान किया गया। उनके पिता पीबी क्षेत्री सशस्त्र सीमा बल में ज्वाइंट एरिया ऑर्गनाइजर हैं और मां अंजना देवी गृहणी। आरआइएमसी से वर्ष 2013 में पास आउट होने के बाद अविनाश का चयन एनडीए में हुआ। एनडीए में अविनाश को प्रेसीडेंट गोल्ड भी मिला। वह सेना में गर्व और सम्मान के साथ करियर को सबसे महत्वपूर्ण अवसर मानते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
ima
भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड के दौरान ओवरऑल ट्रेनिंग के लिए सिल्वर पदक हासिल करने वाले भिवानी हरियाणा निवासी विकास संगवान के पिता विजय कुमार टेक्सटाइल इंड्रस्ट्री में मैनेजर हैं। उनकी मां अनिल कौर गृहणी है। भारतीय विद्या भवन से शिक्षा प्राप्त करने के बाद विकास का चयन एनडीए में हुआ और शनिवार को वह आइएमए से पास आउट होकर सैन्य अधिकारी बन गए। उन्हें सेना में आने की प्रेरणा पिता से मिली। बचपन से ही कुछ अलग करने की सोच को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने सेना को चुना और अफसर बने।

4 of 5
ima
भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड के दौरान ओवरऑल ट्रेनिंग के लिए कांस्य पदक हासिल करने वाले पिथौरागढ के एंचोली गांव निवासी रोहित जोशी की सफलता पर पूरे क्षेत्र को गर्व है। उनके पिता बीडी जोशी सेना में कर्नल और मां डा. मंजू बाला दिल्ली में शिक्षिका हैं। पिथौरागढ़ स्थित एशियन एकेडमी से शिक्षा प्राप्त करने के बाद रोहित का चयन एनडीए में हुआ। आइएमए से पास आउट होने के बाद वह सेना की इंजीनियर कोर में अफसर बने हैं। पिता से प्रेरित होकर वह सैन्य जीवन में नई ऊंचाईयों तक पहुंचना चाहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ima
मूलत: रानीपोखरी नागाघेर निवासी अक्षय बिष्ट ने दो साल बाद अपने परिवार की सफलता की कहानी दोहराई। डिफेंस कालोनी निवासी अक्षय बिष्ट के बड़े भाई अंशुमान बिष्ट ने 2015 में टेक्नीकल सिल्वर मेडल हासिल किया था। शनिवार को अक्षय को भी यही पदक मिला तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह चौथी पीढ़ी के तौर पर सेना में आए हैं। अक्षय के पिता सीएस बिष्ट सेना के रिटायर कर्नल और मां अनीता बिष्ट गृहणी है। उनके दादा दलीप सिंह बिष्ट भी वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए। ब्राइटलैंड स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने के बाद अक्षय ने बिट्स पिलाई से इंजीनियरिंग की। नेवी और एमएनसी से जॉब ऑफर होने के बावजूद उन्होंने भारतीय सेना को चुना। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें