दीपक और ललित ने बताया कि वे जिस स्थान पर थे, वहां से मुंबई का स्लम एरिया पास ही था। वहां पर लगातार बढ़ रहे कोरोना पॉजिटिव मामलों से मन में खौफ पैदा हो जाता था। घर लौटने की जितनी भी कोशिशें होतीं सभी बेकार चली जातीं। उन्होंने कौथिग फाउंडेशन के जगजीवन कन्याल को अपनी समस्या बताई।