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बाप-बेटी को जहरीले सांपों से खेलने का शौक, आंखों में आंखे डाल कर देते हैं मदहोश, तस्वीरें...

Sun, 07 Jun 2020 01:17 PM IST
अलका त्यागी मो. यामीन अंसारी, अमर उजाला, सितारगंज
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गुलजार और बेटी आलिया - फोटो : अमर उजाला
आपने लोगों के शौक तो कई तरह के सुने होंगे, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इन पिता और बेटी को सांपों से खेलने का शौक है। उत्तराखंड के सितारगंज में एक कार गैराज में डेंटर का काम करने वाले गुलजार अहमद शौक भी जोखिम भरा रखते हैं। उनके सामने जहरीले नाग भी  दीवाने हो जाते हैं। काम के साथ ही सांप पकड़ने के शौक में गुलजार अब तक किंग कोबरा से लेकर पाइथन प्रजाति तक के जहरीले सांप पकड़ चुके हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
सितारगंज में बाईपास कालोनी निवासी गुलजार अहमद (54) पुत्र इरशाद अहमद खान मूलरूप से हल्द्वानी के रहने वाले हैं। वर्ष 1984 में वे सितारगंज आकर बस गए। इस कला में केवल गुलजार ही नहीं उनकी बेटी भी माहिर है। गुलजार के छह बेटी और एक बेटा है। इनमें चौथे नंबर की 15 साल की बेटी आलिया खान भी सांप पकड़ने में माहिर है। बेटी आलिया भी निडर होकर सांपों के साथ खेलती है। वह नगर के जीजीआईसी में कक्षा आठवीं की छात्रा है और स्कूल में भी उसने कई सांप पकड़े हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
गुलजार बताते हैं कि बचपन से उन्हें सांपों के साथ खेलने का शौक था। जब वे यहां आए तो वे कहीं भी सांप निकलने पर उसे पकड़ने पहुंच जाते थे। उनके इस हैरतअंगेज करतब ने उन्हें सर्प मित्र बना दिया और अब वे सर्प मित्र नाम से क्षेत्र में चर्चित हैं। वे अब वन विभाग के माध्यम से क्षेत्र में सांपों को पकड़ने जाते हैं। इसके एवज में गृह, प्रतिष्ठान स्वामियों से मेहनताना भी मिल जाता है और वन विभाग से भी सौ रुपये प्रति सांप के हिसाब से दिया जाता है।

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- फोटो : अमर उजाला
2019 में भिन्न प्रजातियों के पकड़े सांप
रसल वाइपर   46
करैत   21
स्पेक्टीकल कोबरा 250
रैक स्नेक 30
वाटर स्नेक 20
बूम स्लैंड     10
पाइथन 03
मोनोकोल कोबरा 150
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- फोटो : अमर उजाला
गुलजार अहमद लॉकडाउन में अब तक 119 सांप पकड़कर जंगल में छोड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि सांप को बीन बजाकर नहीं, बल्कि उसकी आंखों में आंखें डालकर मदहोश किया जाता है। इसी कला के जरिए उन्होंने 40 सालों में हजारों सांप अपने वश में किए हैं।
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गुलजार बताते हैं कि 40 साल के इस शौक में उन्हें पांच बार सांप ने डंसा है। लेकिन कभी भी झाड़ फूंक से सही नहीं कराया, बल्कि मेडिकल ट्रीटमेंट से ही वह ठीक हुए। उनका कहना है कि सांप के काटने से इंसान घबरा जाता है। जबकि उस दौरान संयम बरतना चाहिए।
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