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बदरीनाथ-जोशीमठ-मलारी हाईवे पर जवानों ने बर्फ के 'पहाड़' काटकर बनाया रास्ता, तस्वीरें...

Fri, 20 Dec 2019 04:34 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ(चमोली)
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- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में बर्फबारी के कारण कई जगह रास्ते बंद हो गए थे। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने गुरुवार को नीती और माणा घाटियों को जोड़ने वाली सड़कों को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु कर दिया है। ये सड़कें एक सप्ताह से बर्फबारी से बंद पड़ी थीं। 
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- फोटो : अमर उजाला
बदरीनाथ हाईवे जोशीमठ से आगे 12 दिसंबर से बंद पड़ा था। यहां हाईवे पर लगभग दस फीट बर्फ जमी थी। बीआरओ ने जेसीबी के जरिए हाईवे से बर्फ काटकर वाहनों की आवाजाही सुचारु करवाई। वहीं, जोशीमठ-मलारी हाईवे भी मलारी तक सुचारु हो गया है। 
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- फोटो : अमर उजाला
सड़कों के सुचारु होने से स्थानीय लोगों के साथ ही सेना व आईटीबीपी के जवानों ने राहत की सांस ली। बीआरओ के कमांडर मनीष कपिल ने बताया कि नीती और माणा घाटी को जोड़ने वाले बदरीनाथ हाईवे और जोशीमठ-मलारी हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है।

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- फोटो : अमर उजाला
चमोली जिले में अभी भी करीब 90 गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप पड़ी है, जबकि जोशीमठ-औली सहित सात सड़कें अवरुद्ध पड़ी है। बृहस्पतिवार को एक सप्ताह बाद जोशीमठ नगर क्षेत्र में विद्युत सप्लाई सुचारु हो गई है, जबकि यहां उर्गम व नीती घाटी के करीब 70 गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप है।
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- फोटो : अमर उजाला
निजमूला घाटी के 22 गांव अभी भी अंधेरे में हैं। यहां 12 दिसंबर से विद्युत आपूर्ति ठप है। बिजली न होने से संचार सेवा भी काम नहीं कर पा रही है। ग्रामीणों को एक फोन कॉल के लिए मीलों दूरी पैदल नापनी पड़ रही है। पोखरी विकास खंड के ताली गांव में 65 परिवार एक सप्ताह से अंधेरे में हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
पर्यटन स्थल औली को जाने वाली सड़क अवरुद्ध होने से अब औली के होटल और रेस्टोरेंट में खाने-पीने का सामान भी समाप्त होने वाला है। निजमूला घाटी के पाणा, ईराणी, झींझी और पगना गांव में पेयजल लाइनों का पानी बर्फ में जम गया है। ऐसे में ग्रामीण बर्फ पिघलाकर पानी पी रहे हैं।
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