जनता की मेहनत की कमाई लूटने के बाद अब सरकार की नजर मंदिरों में मिलने वाले दान पर टिकी है, जिसे हासिल करने के लिए सरकार ने अनादिकाल से चली आ रही परंपराओं व पुरोहितों के हक हकूकों पर डाका डालने की नियत से देवस्थानम प्रबंधन विधेयक थोपा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में हरीश डिमरी, लक्ष्मीनारायण बाबुलकर, सुरेश सेमवाल, जगमोहन उनियाल, कृपाराम सेमवाल, कृत्तेश्वर उनियाल, राजेश उनियाल, दीपक सेमवाल, अरुण सेमवाल, हरीश सेमवाल, राकेश सेमवाल, अशोक सेमवाल, मानेंद्र सेमवाल सहित कई लोग शामिल हुए।