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कुछ दिन बाद होने वाला था रिटायमेंट, उससे पहले ही शहीद हुआ ये बेटा, तस्वीरें देख दिल भर आएगा

Thu, 03 Jan 2019 09:11 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क/अमर उजाला, गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)
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शहीद गोपाल सिंह
उत्तराखंड के गंगोलीहाट क्षेत्र के लाल गोपाल सिंह माहरा (49) रिटायरमेंट से पहले ही देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। जवान का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार देर शाम तक पैतृक गांव जजौली पहुंचने की संभावना है। गोपाल की शहादत की खबर सुनकर पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
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शहीद गोपाल सिंह
गंगोलीहाट के दशाईथल जजौली निवासी गोपाल सिंह माहरा 24 असम राइफल में तैनात थे। बुधवार सुबह नगालैंड में आतंकी हमले में वह शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर सुनते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। दशाईथल इंटर कॉलेज से हाईस्कूल करने के बाद गोपाल सिंह 1987 में असम राइफल्स में भर्ती हो गए थे। 
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शहीद गोपाल सिंह
गोपाल सिंह के घर में उनकी पत्नी बसंती, 17 वर्षीय पुत्र सौरभ और 14 वर्षीय पुत्री हिमानी है। सौरभ दिनेशपुर में पॉलिटेक्निक कालेज का छात्र है, जबकि हिमानी सरस्वती शिशु मंदिर कालीनगर में कक्षा नौ में पढ़ती है। परिजनों ने बताया कि एक साल बाद गोपाल सिंह सेवानिवृत्त होने वाले थे। 

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शहीद गोपाल सिंह
सूचना पर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने भी शहीद के घर जाकर शोक संवेदना जताई और परिजनों को ढाढ़स बंधाया। बुधवार दोपहर में परिजन गंगोलीहाट स्थित अपने पैतृक गांव रवाना हो गए। शहीद गोपाल सिंह माहरा सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से हैं। चार भाइयों में दूसरे नंबर के गोपाल सिंह के बड़े भाई निर्मल माहरा असम राइफल में सूबेदार के पद पर तैनात हैं। 
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शहीद गोपाल सिंह
तीसरे नंबर के भाई ठाकुर सिंह सेना में पुंछ में तैनात हैं। सबसे छोटे भाई रिपुसूदन माहरा दशाईथल में दुकान चलाते हैं। गोपाल सिंह के पिताजी स्व.त्रिलोक सिंह भी असम राइफल्स में तैनात थे। सेना में उनकी बहादुरी के लिए वीरता पुरस्कार दिया गया था। पांच वर्ष पहले उनका निधन हो गया था।
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