इस साल के जून महीने में दो ग्रहण लगने वाले हैं। आगामी 5 जून को लगने वाला चंद्र ग्रहण पृथ्वी पर खास प्रभाव नहीं छोड़ेगा। यह सिर्फ उपछाया चंद्र ग्रहण होगा। मगर, 21 जून को होने वाला पहला सूर्य ग्रहण पृथ्वी पर खास प्रभाव छोड़ेगा। देश में भी इसका असर रहेगा।
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आचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं
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उत्तराखंड विद्वत सभा के प्रवक्ता आचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं के अनुसार, सूर्यग्रहण में कंकण आकृति बन रही है। इस दिन रविवार पड़ने के कारण चूड़ामणि योग भी बन रहा है। इसमें सूर्य ग्रहण नुकसानदेय रहेगा। वृश्चिक राशि वालों को विशेष ध्यान देना होगा।
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इस साल का पहला सूर्य ग्रहण सुबह 10.23 से दोपहर 1.47 बजे तक रहेगा। ग्रहण पर्व काल 3 घंटा 24 मिनट तक रहेगा। ग्रहण सूतक एक दिन पहले यानी 20 जून को रात 10.24 बजे से शुरू होगा।
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सूर्य ग्रहण के दिन सूर्य को नहीं देखना चाहिए। वहीं, लोगों को गंगा स्नान, दान, जप, पूजा, हवन करना चाहिए। खाने में भी तुलसी के पत्ते रखने से उस पर ग्रहण का प्रभाव नहीं लगता है। यह सूर्यग्रहण के प्रभाव को कम करता है। साथ ही इसका कई गुना फल मिलता है।
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वहीं, इस साल पांच जून को दूसरा चंद्र ग्रहण होने वाला है। उपछाया चंद्र ग्रहण में चंद्रमा, पृथ्वी की छाया से होकर गुजरेगा। इसका राशियों पर खास प्रभाव नहीं पड़ेगा, इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा।
आचार्य विजेंद्र ने कहा कि लोग चंद्र ग्रहण के प्रभाव को लेकर घबरा रहे हैं। लेकिन इसकी जरूरत नहीं है। कई लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसके लिए हम सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के भ्रम को दूर कर रहे हैं।