सूर्य ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी और सूरज के बीच चंद्रमा आ जाता है। 16 फरवरी को सूर्य ग्रहण लगने वाला है। आइए जानते हैं सूर्य ग्रहण का सूतक काल और उस दौरान बरती जाने वाली सावधानियां।
विज्ञापन
2 of 5
सूर्य ग्रहण
हालांकि भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा। लेकिन ज्योतिषों की मानें तो ग्रहण का प्रभाव भारत में भी पड़ेगा। इसलिए आपको सावधानी बरतनी होगी।
विज्ञापन
3 of 5
पूर्ण सूर्यग्रहण
- फोटो : SELF
ज्योतिषाचार्य अनूप पुष्कर ने बताया कि ग्रहण का सूतक काल ग्रहण से 12 घंटे पहले शुरु हो जाता है। यह ग्रहण 15 फरवरी (गुरुवार)की रात 12.25 मिनट से लगेगा जो कि सुबह प्रात: 4.18 तक रहेगा। ऐसे में यह 16 फरवरी को लगेगा, पर भारत में रात होने के कारण यह यहां दिखाई नहीं देगा।
4 of 5
सूर्य ग्रहण
ज्योतिषाचार्यों की सलाह है कि ग्रहण काल के समय खाना न खांए न ही कुछ पीयें, प्रभु का स्मरण करते हुए पूजा, जप, दान आदि धार्मिक कार्य करें। इस समय नवग्रहों का दान करना भी लाभकारी रहेगा। जो विद्यार्थी अच्छा परिणाम चाहते हैं वे ग्रहण काल में पढ़ाई शुरु न करें बल्कि ग्रहण के समय से पहले से शुरु कर ग्रहण के दौरान करते रहें तो अच्छा रहेगा। घर में बने पूजास्थल को भी ग्रहण के दौरान ढक कर रखें।
ग्रहण से पहले रात्रि भोज में से खाना न ही बचायें तो अच्छा रहेगा। यदि दूध, दही या अन्य तरल पदार्थ बच जाएं तो उनमें तुलसी डालकर रखें इससे ग्रहण का प्रभाव उन पर नहीं पड़ेगा। ग्रहण समाप्ति पर पूजा स्थल को साफ कर गंगाजल का छिड़काव करें। देव मूर्ति को भी गंगाजल से स्नान करवायें व तदुपरांत भोग लगायें।