केदारपुरी अभी भी बर्फ से ढकी है। यहां छह फीट से अधिक बर्फ मौजूद है। मजदूरों ने बर्फ को काटकर आवाजाही के लिए एक फीट चौड़ा रास्ता बनाया है। कई दिनों से 24 घंटे तापमान माइनस में होने से मजदूरों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को धाम में अधिकतम तापमान माइनस छह और न्यूनतम माइनस 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 12 दिसंबर से यहां बिजली और संचार सेवा भी ठप पड़ी है। केदारनाथ से लौटी चार सदस्यीय वुड स्टोन की टीम ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से धाम में मौसम ठीक है, लेकिन मंदिर परिसर से लेकर पूरे क्षेत्र में 6 फीट से अधिक बर्फ अब भी मौजूद है।
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सुबह से लेकर रात तक शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है। इन हालात में बर्फ सफाई का कार्य भी नहीं हो पा रहा है। बर्फबारी के बाद से बिजली और संचार सेवा के ठप होने से मजदूरों और अन्य लोगों को दिक्कतें हो रही हैं।
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इधर, कंपनी के टीम प्रभारी मनोज सेमवाल ने बताया कि अभी पुनर्निर्माण कार्यों को पुन: शुरू कराना संभव नहीं है। केदारनाथ से पैदल मार्ग पर रामबाड़ा तक काफी बर्फ है, जिस पर आवाजाही करना आसान नहीं है।
बता दें कि बीते 12/13 दिसंबर को हुई भारी बर्फबारी के बाद से केदारनाथ का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है। साथ ही वहां सभी पुनर्निर्माण कार्य ठप पड़े हैं।