nirbhaya gangrape
कहा कि मां आईसीयू की सारी मशीनों से भी मुझे डर लगता है। मुझे उस ट्रैफिक सिग्नल की याद आती है जहां ये सब हुआ। अपनी मां से अपने दर्द और पीड़ा को बयां करती निर्भया बस एक ही गुहार लगाती थी कि उन्हें सजा दिला दो। वह जीना चाहती थी। लेकिन डर उसके अंदर इस कदर घर कर गया था कि वह जीने से भी डरने लगी, और अंत में जब वह नहीं लड़ सकी तो एक ही बात कही और हमेशा के लिए सो गई। 'मां मुझे माफ कर देना। अब मैं जिंदगी से और लड़ाई नहीं लड़ सकती।'