शनि का पूजन और तैलाभिषेक कर शनि की साढे़ साती, ढैय्या और महादशा जनित संकट से भी मुक्ति पाई जा सकती है।
शनि अमावस्या ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साढ़ेसाती एवं ढैय्या के दौरान शनि व्यक्ति को अपना शुभाशुभ फल प्रदान करता है। शनि अमावस्या बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इस दिन शनि देव को प्रसन्न करके व्यक्ति शनि के कोप से अपना बचाव कर सकते हैं। पुराणों के अनुसार शनि अमावस्या के दिन शनि देव को प्रसन्न करना बहुत आसान होता है। शनि अमावस्या के दिन शनि दोष की शांति बहुत ही सरलता कर सकते हैं।
साल का अंतिम सूर्य ग्रहण शनिवार को है। यह सूर्य ग्रहण दोपहर 1.32 बजे शुरू होगा। हालांकि यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा।
ग्रहण काल सूतक काल 10 अगस्त की आधी रात से शुरू हो गया। ग्रहण 11 अगस्त की शाम को 5 बजे समाप्त होगा।
खगोलविद के अनुसार चीन के अलावा यह नार्थ अमेरिका नॉर्थ पश्चिम एशिया साउथ कोरिया और मॉस्को में भी देखा जा सकेगा।