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सूर्य ग्रहण 2018: सभी राशियों पर पड़ेगा ग्रहण का प्रभाव, इन सरल उपायों को करेंगे तो नहीं होगा अनिष्ट

Sat, 11 Aug 2018 10:02 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
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solar eclipse
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इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 11 अगस्त यानी शनिवार को लगेगा। यहां राशियों के अनुसार ग्रहण के प्रतिकूल प्रभाव से बचने के उपाय बताए जा रहे हैं।

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ज्योतिषाचार्य पंडित रमेश सेमवाल ने बताया कि 11 अगस्त को लगने वाले इस ग्रहण के दिन कई तरह के संयोग बन रहे हैं। ये आंशिक सूर्य ग्रहण होगा।

यह ग्रहण श्रावण अमावस्या पर लगने वाला है। शनिवार होने के कारण शनैश्चरी अमावस्या भी है। और हरियाली अमावस्या भी है। इसी दिन से नवग्रह यात्रा भी प्रारंभ होगी। इसलिए यह दिन मंत्र-सिद्धि और दान-धर्म के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

सूर्य ग्रहण समय और सूतक काल

सूर्य ग्रहण - फोटो : SOCIAL MEDIA
सूतक ग्रहण काल से करीब 12 घंटे पहले लग जाएगा। ग्रहण शनिवार को दोपहर 1:32 बजे से शुरू होगा और शाम 5:00 बजे तक रहेगा।

यानी कि 10 अगस्त को देर रात 1:30 बजे से सूतक काल शुरू हो जाएगा। सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान खाना नहीं खाना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को इस दौरान विशेष ध्यान रखना चाहिए। 

सूर्य ग्रहण पर वह लोग कष्टों से मुक्ति पा सकते हैं जिनकी कुंडली में ग्रहण दोष, काल सर्प दोष, पितृ दोष, शनि की ढैया, साढ़ेसाती, अशुभ गोचर, अशुभ अंतर्दशा चल रही हो। ग्रहण पर स्नान, ध्यान, दान और मंत्र-जाप करने से कष्टों से शीघ्र मुक्ति मिलती है।

राशियों के अनुसार मंत्र जाप

zodiac sign
पंडित सेमवाल ने कुछ मंत्र बताए हैं, जिनके जाप से आप पर ग्रहण का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

मेष और वृश्चिक राशि के लिए मंत्र- ॐ क्रां क्रीं क्रों सः भौमाय नमः। ईष्टदेव मंत्र - “ॐ हं”। 

वृष और तुला राशि के लिए मंत्र- ऊँ द्रां द्रीं द्रों सः शुक्राय नमः। ईष्टदेव मंत्र- “ॐ दूं”। 

मिथुन और कन्या राशि के लिए मंत्र- ॐ ब्रां ब्रीं ब्रों सः बुधाय नमः। इष्ट देव मंत्र- “ॐ गं”। 

धनु और मीन राशि के लिए मंत्र- ऊँ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः। ईष्टदेव मंत्र - “ॐ द्ं”।
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ग्रहण में काल में जरूर करें इन मंत्रों का जाप

mantra japa
कुंभ और मकर राशि के लिए मंत्र- ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः। ईष्टदेव- “ॐ हं “ 

कर्क राशि के लिए मंत्र - श्रां श्रीं श्रों सः सोमाये नमः। ईष्टदेव मंत्र- “ॐ ह्रों” 

सिंह राशि के लिए मंत्र- ॐ ह्रां ह्रीं ह्रों. सः सूर्याय नमः। ईष्टदेव मंत्र- “ॐ भू भुवः स्व” 

बता दें कि सूर्यग्रहण कर्क राशि में होने जा रहा है जो 4 राशियों मेष, मकर, तुला और कुंभ राशि के लिए शुभ फलदायी रहने वाला है। कर्क राशि में ग्रहण होने से कर्क के अलावा, मिथुन और सिंह राशि के जातकों के लिए ग्रहण शुभ नहीं है, इन्हें कष्ट हो सकता है। इन राशियों के जातकों को सेहत और धन संबंधी मामलों पर विशेष ध्यान देना होगा।
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