सूतक ग्रहण काल से करीब 12 घंटे पहले लग जाएगा। ग्रहण शनिवार को दोपहर 1:32 बजे से शुरू होगा और शाम 5:00 बजे तक रहेगा।
यानी कि 10 अगस्त को देर रात 1:30 बजे से सूतक काल शुरू हो जाएगा। सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान खाना नहीं खाना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को इस दौरान विशेष ध्यान रखना चाहिए।
सूर्य ग्रहण पर वह लोग कष्टों से मुक्ति पा सकते हैं जिनकी कुंडली में ग्रहण दोष, काल सर्प दोष, पितृ दोष, शनि की ढैया, साढ़ेसाती, अशुभ गोचर, अशुभ अंतर्दशा चल रही हो। ग्रहण पर स्नान, ध्यान, दान और मंत्र-जाप करने से कष्टों से शीघ्र मुक्ति मिलती है।
पंडित सेमवाल ने कुछ मंत्र बताए हैं, जिनके जाप से आप पर ग्रहण का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
मेष और वृश्चिक राशि के लिए मंत्र- ॐ क्रां क्रीं क्रों सः भौमाय नमः। ईष्टदेव मंत्र - “ॐ हं”।
वृष और तुला राशि के लिए मंत्र- ऊँ द्रां द्रीं द्रों सः शुक्राय नमः। ईष्टदेव मंत्र- “ॐ दूं”।
मिथुन और कन्या राशि के लिए मंत्र- ॐ ब्रां ब्रीं ब्रों सः बुधाय नमः। इष्ट देव मंत्र- “ॐ गं”।
धनु और मीन राशि के लिए मंत्र- ऊँ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः। ईष्टदेव मंत्र - “ॐ द्ं”।
कुंभ और मकर राशि के लिए मंत्र- ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः। ईष्टदेव- “ॐ हं “
कर्क राशि के लिए मंत्र - श्रां श्रीं श्रों सः सोमाये नमः। ईष्टदेव मंत्र- “ॐ ह्रों”
सिंह राशि के लिए मंत्र- ॐ ह्रां ह्रीं ह्रों. सः सूर्याय नमः। ईष्टदेव मंत्र- “ॐ भू भुवः स्व”
बता दें कि सूर्यग्रहण कर्क राशि में होने जा रहा है जो 4 राशियों मेष, मकर, तुला और कुंभ राशि के लिए शुभ फलदायी रहने वाला है। कर्क राशि में ग्रहण होने से कर्क के अलावा, मिथुन और सिंह राशि के जातकों के लिए ग्रहण शुभ नहीं है, इन्हें कष्ट हो सकता है। इन राशियों के जातकों को सेहत और धन संबंधी मामलों पर विशेष ध्यान देना होगा।