जुमा से गुप्ता बंधुओं की नजदीकी का आलम ये था कि वे राष्ट्रपति के साथ विदेशी दौरों पर जाया करते थे। सतत होने वाले इन दौरों को लेकर एक समय उन्हें अफ्रीका का राजनयिक पासपोर्ट देने तक की चर्चा थी। डिप्टी वित्त मंत्री मेसिबी जोनास पर आरोप था कि गुप्ता बंधुओं ने उन्हें कैबिनेट मंत्री बनवा देने का ऑफर दिया था जबकि एक अन्य मंत्री प्रवीण गोवर्धन का आरोप था गुप्ता बंधुओं ने उन्हें कैबिनेट से हटवा दिया।
इन मामलों को गुप्ता बंधुओं की राष्ट्रपति पर पकड़ के रूप में देखा जाता था। कहा जाता था कि मंत्रिमंडल में पद और सरकारी ठेके तय करने में गुप्ता बंधुओं का दखल रहता था। जुमा और गुप्ता बंधुओं की अत्यधिक नजदीकी को लेकर लोग उन्हें संयुक्त रूप में जुप्ता कह कर संबोधित करते थे।
वर्ष 2013 में गुप्ता बंधुओं की बहन अचला की बेटी की शादी व्यवसायी आकाश झंगढ़िया के परिवार में हुई। सन सिटी में हुए इस विवाह में मेहमानों को ले जा रहे चार्टर्ड विमान की लैंडिंग सेना के लिए आरक्षित वाटरक्लुफ एयरबेस प्रिटोरिया में कराए जाने को लेकर आलोचना हुई थी। इसके लिए बाद में उन्होंने खेद भी जताया था। इन मेहमानों को सरकार की ओर से पुलिस एस्कॉर्ट दिया जाना भी चर्चित रहा।
मिली है जेड प्लस सुरक्षा, भारत में भी है भारी जायदाद
गुप्ता बंधुओं का भारत में भी बड़ा जलवा है। उन्हें जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है, देहरादून सहित तमाम शहरों में उनकी काफी जायदाद हैं।
सहारनपुर के साधारण परिवार के शिवकुमार गुप्ता ने 1993 में दक्षिण अफ्रीका के बदलते राजनैतिक परिदृश्य को भांप कर अपने पुत्र अतुल को दक्षिण अफ्रीका भेजा। शिवकुमार का मानना था कि दक्षिण अफ्रीका असीमित संभावनाओं वाले देश के रूप में उभर रहा है।
शिवकुमार का अनुमान सटीक निकला और उनके सभी पुत्रों ने वहां जाकर जबरदस्त कारोबारी पकड़ बना ली। गुप्ता बंधुओं की कंपनी सहारा कंप्यूटर्स (सुब्रत रॉय वाली नहीं) ने वहां धाक जमा ली। गुप्ता बंधुओं ने खनन, एयर ट्रैवल, एनर्जी क्षेत्र में भी बड़ा कारोबार किया।