शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव
विश्वविद्यालय के संग्रहालय में रखे ट्रायल के 1667 पन्नों को एहतियातन दूर से ही देखने की इजाजत है। डिजिटलाइजेशन होने से ट्रायल का हर पेज पढ़ा जा सकता था। लेकिन हाईकोर्ट ने आदेश के बाद अब ऐसा नहीं हो सकेगा। जंगे आजादी के समय सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी। इस फांसी को लेकर देशवासियों में अब भी आक्रोश देखा जाता है।