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केदारनाथ में अब तक हुए 7 हेलीकॉप्टर क्रैश लील चुके 23 जवानों की जान, सबसे पीछे रहा यह एक कारण

Wed, 04 Apr 2018 08:55 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
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समुद्रतल से 11 हजार 500 फीट से अधिक ऊंचाई वाले केदारनाथ क्षेत्र में वर्ष 2010 से 03 अप्रैल 2018 तक हेलीकॉप्टर क्रैश होने की 7 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इन दुर्घटनाओं में सेना के 2 एमआई-17 भी शामिल हैं।

 
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वर्ष 2013 में यहां एक माह के अंतराल में 3 बड़ी दुर्घटनाएं हुई। सभी दुर्घटनाओं में सेना के 20 अधिकारियों/जवानों सहित 23 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 7 लोग घायल हुए हैं। घाटी क्षेत्र और अचानक मौसम परिवर्तन के साथ हवा का अत्यधिक दबाव यहां हेलीकॉप्टर हादसों का प्रमुख कारण रहा है।
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मंगलवार 3 अप्रैल को एमआई-17 हेलीकॉप्टर कैश होने से पहले भी धाम व क्षेत्र में कई घटनाएं हुई हैं, जिसमें कई जानें गई हैं। इन हादसों से जहां सेना को करीब 4 सौ करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं, अन्य निजी कंपनियों के भी लगभग 100 करोड़ के हेलीकॉप्टर ध्वस्त हुए हैं। वर्ष 2010 में यात्राकाल में धाम में एक निजी कंपनी हेलीकॉप्टर के चलते पंखे की चपेट में आने से जहां एक युवक की मौत हो गई थी।

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mi 17 crash - फोटो : amar ujala
जबकि वर्ष 2016 में धाम में गुप्तकाशी के लिए टेकऑफ करते समय एक निजी कंपनी के हेलीकॉप्टर का दरवाजा खुल गया था। इसके बाद यात्रियों को अन्य हेली से भेजा गया था। जून 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद चले खोज-बचाव अभियान में 21 जून को जहां जंगलचट्टी में निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर ध्वस्त हो गया था।
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वहीं, 25 जून को सेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर खराब मौसम के छाए कोहरे के कारण जंगलचट्टी की पहाडिय़ों पर टकरा गया था। इस हादसे में सेना के 20 अफसर/जवान शहीद हो गए थे। मृतकों के शव कई दिनों की खोज के बाद बरामद किए गए थे। इसके बाद 24 जुलाई को केदारनाथ से गुप्तकाशी लौट रहा निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर गरूड़चट्टी में क्रैश हो गया था, इस हादसे में पायलट व इंजीनियर की मौत हो गई थी।
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बीते वर्ष 18 मई को केदारनाथ में गुप्तकाशी के लिए टेकऑफ करते समय निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर के टायर रपट गए थे। तब, हेलीकॉप्टर में 6 यात्री सवार थे, जिन्हें बाद में अन्य हेलीकॉप्टर से भेजा गया था। उधर, बदरीनाथ में भी 10 जून 2017 को एक हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था। इस हादसे में एक इंजीनियर की पंखे की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई थी।
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