सबसे कम उम्र में एवरेस्ट पर तिरंगा लहराने का लक्ष्य हासिल करने के लिए चेन्नई की नौ साल की सेल्वी चारुमथी टी गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में पसीना बहा रही है। अपने पिता की देखरेख में रुद्रगैरा एवं उडनकोल बेस तक 5700 मीटर की ऊंचाई नाप कर लौटी चारु जल्द ही क्लीमंजारो पर आरोहण के लिए कदम बढ़ाएगी।
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तस्वीरों में देखिए, इस नन्हीं 'परी' के फौलादी हौसले
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गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में रुद्रगैरा बेस तक ट्रेकिंग और आरोहण खासा चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन चेन्नई की चारु पहले ही प्रयास में समुद्र सतह से 5700 मीटर ऊंचे रुद्रगैरा और उडनकोल बेस तक पहुंच गई।
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दस अगस्त को अपने पिता के साथ रुद्रगैरा बेस के लिए रवाना हुई चारु ने वहां पहुंचकर तीन दिन तक रॉक क्लाइंबिंग का अभ्यास किया। अभियान में चारु के स्कूल श्री नतेसान विद्याशाला चेन्नई ने वित्तीय सहयोग किया है।
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ब्लूडार्ट एविएशन में कर्मचारी चारु के पिता थिरुलोग चंद्रन ने बताया कि उन्होंने दो बार प्री-एवरेस्ट करने के साथ ही एवरेस्ट मैराथन में दूसरा स्थान हासिल किया, लेकिन प्रायोजक नहीं मिलने के कारण सपना पूरा नहीं हो सका।
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अब वे अपनी बेटी के माध्यम से यह सपना पूरा करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि रुद्रगैरा बेस पर अभ्यास के बाद अब चारु अगले वर्ष फरवरी-मार्च में दक्षिण अफ्रीका के क्लीमंजारो (5895 मीटर) पीक पर आरोहण करेगी। अभियान में सेमवाल की स्नो स्पाइडर एजेंसी भी पूरा सहयोग कर रही है।