फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस महल के कुंए से पता चलेगा सरस्वती नदी का बड़ा रहस्य

Wed, 21 Jun 2017 09:50 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 6
Jaisalmer Fort
कुछ समय पहले नासा के सेटेलाइट चित्रों से जैसलमेर में प्राचीन जल के चैनल होने की जो बात उभरकर सामने आई। केएलडीएवी पीजी कॉलेज रुड़की के पूर्व प्राचार्य ने इससे संबंधित ऐसी बात बताई जो सरस्वती नदी के अस्तित्व को लेकर नया खुलासा कर सकती है।
 
विज्ञापन

2 of 6
जैसलमेर फोर्ट - फोटो : demo pic
1940 में जैसलमेर रियासत के दीवान नंद किशोर गोदानी ने अपने पुत्र वीके महेश्वरी से जो बात साझा की उस पर यकीन किया जाए तो महल के कुएं के नीचे सरस्वती के जल का स्रोत है।
विज्ञापन

3 of 6
डेमो इमेज - फोटो : demo pic
केएलडीएवी पीजी कॉलेज रुड़की के पूर्व प्राचार्य एवं शिक्षाविद् डॉ. वीके महेश्वरी के पिता जैसलमेर रियासत में दीवान थे। रियासत में पानी के लिए बनी बावड़ी (तालाब) ही लोगों की जलापूर्ति का एकमात्र साधन था। जबकि राजा और रानी महल स्थित एक कुएं के पानी का इस्तेमाल करते थे।

4 of 6
well
यह कुआं काफी गहरा था और अंधेरे के कारण इसमें कुछ दिखाई नहीं देता था। रस्सियों और घड़ों के जरिए इसमें पानी खींचकर निकाला जाता था। डॉ. महेश्वरी ने बताया कि उनके पिता ने कुएं की थाह नापने के लिए एक सेवक टोकरी में बैठकर कुएं में भेजा।
विज्ञापन

5 of 6
कुअां
बाहर आने पर उसने बताया कि कुएं में पानी ठहरा हुआ नहीं था, बल्कि इसमें नदी के तेज धारा की तरह पानी एक ओर से दूसरी ओर बह रहा था। इस पर दीवान को कुएं के नीचे किसी नदी के स्रोत का अहसास हुआ।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
यमुनानगर में मिली सरस्वती नदी - फोटो : फाइल फोटो
डॉ. महेश्वरी के अनुसार यह बात 1940 के आसपास की रही होगी, जो उनके पिता ने उन्हें सहारनपुर में प्रवास के रियासत से जुड़े कई किस्से बया करते हुए बताई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें