संतान की लंबी उम्र के लिए माताएं बृहस्पतिवार 24 जनवरी को व्रत रखेंगी। माघ मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को सकट चौथ का व्रत किया जाता है। इस दिन संकट हरण गणपति और चंद्रमा का पूजन किया जाता है।
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- फोटो : astrology
निराहार रखा जाने वाला सकट चौथ का व्रत रात को चंद्रमा या तारों के दर्शन करके अर्ध्य देकर खोला जाता है। इस बार 48 वर्षों बाद अर्ध कुंभ पर्व के दौरान ये व्रत होगा और इस दिन गणेश चतुर्थी के साथ बृहस्पतिवार पड़ने से भगवान विष्णु का भी पूजन किया जाएगा।
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पंडित गौरव आर्य
ऐसे में व्रत का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है। दरअसल, बृहस्पतिवार के दिन सकट चौथ का पड़ना और भी शुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्य डॉ. सुशांत राज और गौरव आर्य ने बताया कि बृहस्पतिवार को सकट चौथ का व्रत रखा जाएगा।
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इसे तिलकुट चतुर्थी भी कहा जाता है। सकट चौथ संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन 9 बजकर 25 मिनट में चंद्रमा उदय होगा। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही ये व्रत पूरा होगा। चंद्रमा को अर्घ्य देकर प्रसाद ग्रहण करने बाद ही व्रत खोला जाएगा। ऐसी मान्यता है कि सकट चौथ के व्रत से संतान की सारी बाधाएं दूर होती हैं।
साथ ही भाई बहनों के आपसी प्रेम की भावना बढ़ती है। उन्होंने बताया कि इसी दिन भगवान गणेश अपने जीवन के सबसे बड़े संकट से निकलकर आए थे। इसीलिए इसे संकट या सकट चौथ कहा जाता है। सकट चौथ के दिन ही भगवान गणेश को 33 करोड़ देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त हुआ था।