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संतों ने की 'केदारनाथ' पर बैन लगाने की मांग, कहा फिल्म रिलीज हुई तो सिनेमाघरों में होगा आंदोलन

Wed, 14 Nov 2018 08:41 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
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केदारनाथ फिल्म का ट्रेलर आते ही संतों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। उन्होंने फिल्म में अश्लील दृश्यों के साथ अभिनेत्री की भूमिका होने का विरोध किया है। संतों ने चेतावनी दी है कि यदि फिल्म को उत्तराखंड के सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया तो चलने नहीं दिया जाएगा और तोड़फोड़ आदि की जिम्मेदारी सरकार की होगी। फिल्म निर्माता अभिषेक कपूर की फिल्म केदारनाथ में प्रमुख भूमिकाओं में सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान शामिल हैं। 
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दो दिन पहले फिल्म का ट्रेलर जारी हुआ है, जिसमें केदारनाथ की आपदा के लिए प्रेमी युगल का विरोध करना दिखाया जा रहा है, साथ ही फिल्म में अश्लील दृश्य भी है। फिल्म में मुस्लिम अभिनेत्री सारा अली खान की भूमिका के साथ स्टोरी और अश्लील दृश्यों का विरोध हरिद्वार के प्रमुख संतों ने करना शुरू कर दिया है। भारत साधु समाज के प्रवक्ता महंत ऋषि श्वरानंद ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले भी कई फिल्मों में धर्म के नाम पर छेड़छाड़ हुई है। 
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फिल्मकार संस्कृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। अब केदारनाथ फिल्म में भी धर्म के नाम पर खिलवाड़ की गई है। दुनिया के प्रसिद्घ धार्मिक स्थलों में केदारनाथ है और इसे मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत करना गलत है। हनुमान मंदिर राजविहार के महंत स्वामी आलोक गिरि ने कहा कि धर्म के मामले में छेड़छाड़ बर्दास्त नहीं किया जाएगा। फिल्म के ट्रेलर से साबित हो रहा है कि फिल्म में अश्लीलता परोसी गई है, ऐसी फिल्म को सेंसर बोर्ड को पास ही नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि फिल्म संचालित हुई तो पुरजोर विरोध करेंगे।  

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महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि केदारनाथ नाम देकर फिल्म बनाना कोई तुक नहीं है और उससे बड़ा अपराध मुस्लिम लड़की को मुख्य भूमिका में शामिल कर किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की ऐसी फिल्म पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए। कुलदीप गिरि ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं केदारनाथ में आते हैं और पूजा अर्चना करते हैं, लेकिन उनके शासनकाल में अश्लीलता से भरी फिल्म का आना दुर्भाग्यपूर्ण है। 
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जिसका सभी संत मिलकर विरोध करेंगे। निरंजनी अखाड़ा के महंत सुंदरवन ने अखाड़ा परिषद से अपील की कि वह प्रयाग कुंभ में फिल्म के विरोध में निर्णय लें और रिलीज होने पर रोक लगाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में इस फिल्म को प्रदर्शित किया तो संत एकत्रित होकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।  
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