देहरादून में मोहन भागवत
अंग्रेजी का ज्ञान आवश्यक है, लेकिन स्कूल से लेकर डिग्री कॉलेज, विवि तक की पढ़ाई हिंदी या अन्य मातृभाषा में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए समाज में कहो वातावरण बनाना होगा। इसकी शुरुआत विद्यार्थी और अभिभावकों से करनी होगी।