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राम मंदिर को लेकर बोले मोहन भागवत, अफगानिस्तान-पाकिस्तान को लेकर भी कह गए बहुत कुछ...

Fri, 08 Feb 2019 09:30 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Mohan Bhagwat
देहरादून पहुंचे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने राम मंदिर को लेकर भी अपनी बात रखी। कहा कि हर भारतीय को यह विचार करना चाहिए कि राम मंदिर वहीं बने। राम हमारे आराध्य हैं। मंदिर और गौ माता को हिंदू संस्कृति का आधार बताते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि यह कार्य भी होगा तो विश्व में हिंदुत्व की पहचान स्थापित होगी। 
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देहरादून में मोहन भागवत
ये विचार उन्होंने देहरादून में प्रदेश सरकार के पूर्व मुख्य सचिवों से चर्चा के दौरान व्यक्त किए। पांच दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन संघ के तिलक रोड स्थित कार्यालय में संघ प्रमुख ने विभिन्न वर्गों के प्रबुद्धजनों से संवाद का सिलसिला जारी रखा। 
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देहरादून में मोहन भागवत
इस दौरान उन्होंने कहा कि संघ का मानना है कि समाज में परिवर्तन से ही देश में परिवर्तन लाया जा सकता है। संघ का उद्देश्य गुणवत्ता वाला समाज बनाना है। उन्होंने कहा कि हम सभी की संस्कृति हिंदू है। सभी की पूजा पद्धति में भिन्नता हो सकती है।

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शशिकांत दीक्षित
लेकिन सभी के पूर्वज एक ही हैं और एक ही संस्कृति से हैं। अफगास्तिान व पाकिस्तान के पूर्वज भी हिंदू ही थे, क्योंकि उनकी संस्कृति और रहन-सहन एक समान ही है। क्षेत्र कार्यवाह शशिकांत दीक्षित ने एक प्रेस कांफ्रेंस में इसकी जानकारी दी। 
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शशिकांत दीक्षित
संघ प्रमुख ने कहा कि संघ जाति या भाषा के आधार पर भेद नहीं करता। लेकिन हमें अपनी मातृभाषा को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश भर में संघ के संवाद और कामकाज की भाषा या तो हिंदी है या फिर स्थानीय मातृ भाषा है। संघ के क्षेत्रीय कार्यवाह शशिकांत दीक्षित ने बताया कि संघ प्रमुख ने इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्यों से चर्चा के दौरान स्वीकारा कि हमारी शिक्षा मातृभाषा में ही होनी चाहिए। 
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देहरादून में मोहन भागवत
अंग्रेजी का ज्ञान आवश्यक है, लेकिन स्कूल से लेकर डिग्री कॉलेज, विवि तक की पढ़ाई हिंदी या अन्य मातृभाषा में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए समाज में कहो वातावरण बनाना होगा। इसकी शुरुआत विद्यार्थी और अभिभावकों से करनी होगी। 
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