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अनोखा विरोध: जलभराव ने रोका रास्ता, स्कूल हुआ बंद; बच्चों ने नगर निगम में लगाई क्लास, कार्यालय में गूंजा ककहरा

Fri, 21 Aug 2026 09:05 PM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की

सार

Roorkee News: नगर निगम में पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिला जब किसी समस्या के विरोध में धरना या नारेबाजी नहीं बल्कि बच्चों की कक्षा लगाकर प्रशासन को आइना दिखाया गया।
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रुड़की में छात्राओं का विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कृष्णानगर की सड़कों पर जलभराव जब पढ़ाई में रुकावट बना तो बच्चों ने ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शुक्रवार को स्काइवार्ड स्कूल के छात्र-छात्राएं, शिक्षक और अभिभावक तीन बसों में सवार होकर सीधे नगर निगम पहुंच गए। यहां नगर आयुक्त के कक्ष को स्कूल में बदल दिया गया। ब्लैकबोर्ड लगाया गया। बच्चे कतार में बैठे और शिक्षकों ने पढ़ाना शुरू कर दिया।

नगर निगम में पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिला जब किसी समस्या के विरोध में धरना या नारेबाजी नहीं बल्कि बच्चों की कक्षा लगाकर प्रशासन को आइना दिखाया गया। स्कूल प्रबंधन का संदेश साफ था-अगर जलभराव के कारण स्कूल नहीं खुल पा रहा है तो बच्चों की पढ़ाई नगर निगम में ही कराई जाएगी।

कृष्णानगर की गली नंबर-20 में कई वर्षों से जलभराव की समस्या है। हर बरसात में हालात बदतर हो जाते हैं। इस बार भी लगातार बारिश के बाद क्षेत्र तालाब में तब्दील हो गया। स्कूल के रास्तों पर पानी भरने से बच्चों का आना-जाना मुश्किल हो गया और स्कूल बंद करना पड़ा। पढ़ाई प्रभावित होने से नाराज स्कूल प्रबंधन ने बच्चों के साथ नगर निगम पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।

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नगर निगम में पढ़ते बच्चे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नगर निगम परिसर में जैसे ही बच्चों ने कक्षा लगाई अधिकारियों में हलचल मच गई। एक ओर शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे थे तो दूसरी ओर अभिभावक और स्थानीय निवासी जलभराव के खिलाफ नारे लगा रहे थे। प्रदर्शन के दौरान उस समय विवाद और बढ़ गया जब स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निगम के रिकॉर्ड में क्षेत्र से टैंकरों के जरिये पानी निकालने की रिपोर्ट दर्ज कर दी गई जबकि धरातल पर स्थिति अलग थी।
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नगर निगम में पढ़ते बच्चे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लोगों ने फर्जी रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाते हुए जमकर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि वर्षों से शिकायतें करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। हर साल बारिश के बाद प्रशासन सक्रिय होने का दावा करता है लेकिन हालात में कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आता। लोगों का कहना था कि जलनिकासी की व्यवस्था मजबूत नहीं होने के कारण पूरा इलाका परेशानी झेल रहा है।

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नगर निगम में पढ़ते बच्चे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
माहौल उस समय भावुक हो गया जब कुछ छात्राओं ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि रोज पानी से होकर गुजरने के कारण उनकी यूनिफॉर्म, जूते और किताबें खराब हो जाती हैं। कई बच्चों ने बताया कि बरसात के दिनों में स्कूल पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं होता।
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नगर निगम में घेराव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बढ़ते दबाव के बीच निगम अधिकारियों ने क्षेत्र में टैंकर भेजकर पानी निकालने की कार्रवाई शुरू कराई। हालांकि स्कूल प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने साफ कहा कि उन्हें तात्कालिक राहत नहीं बल्कि स्थायी समाधान चाहिए। उनका कहना था कि जब तक कृष्णानगर को जलभराव से मुक्ति नहीं मिलेगी तब तक बच्चों की पढ़ाई और क्षेत्रवासियों का जीवन दोनों प्रभावित होते रहेंगे।
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